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परदेसी भी फैला रहे राम की महिमा

पिलानी. भारतीय जीवन दर्शन को जन जन तक पहुंचाने के लिए सात समंदर पार का एक जोड़ा जी जान से जुटा हुआ है।वे रूस सहित कई जगह रामलीला का मंचन करवा रहे हैं। रूसी पात्रों द्वारा किए जा रहे रामलीला के जीवंत मंचन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। रामलीला मंचन के इस बेजोड़ मंचन को गति देने के लिए यह दम्पति शिक्षा नगरी पिलानी में भी मंचन करवाना चाहता है।
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परदेसी भी फैला रहे राम की महिमा


परदेसी भी फैला रहे राम की महिमा

सात समंदर पार करवा रहे रामलीला
उत्पल शर्मा @ पिलानी. भारतीय जीवन दर्शन को जन जन तक पहुंचाने के लिए सात समंदर पार का एक जोड़ा जी जान से जुटा हुआ है।वे रूस सहित कई जगह रामलीला का मंचन करवा रहे हैं। रूसी पात्रों द्वारा किए जा रहे रामलीला के जीवंत मंचन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। रामलीला मंचन के इस बेजोड़ मंचन को गति देने के लिए यह दम्पति शिक्षा नगरी पिलानी में भी मंचन करवाना चाहता है।कस्बे में रामलीला मंचन की संभावना तलाशने गुरुवार को यह जोड़ा पिलानी आया। दरअसल उत्तर प्रदेश निवासी डा. रामेश्वर सिंह अपनी पढाई करने के बाद रोजगार के लिए वर्ष 1980 में रूस गए थे। वहां पर अपनी सहकर्मी एलेक्जेण्डर से शादी कर ली। दम्पति का जीवन रूस की सडक़ों पर दौड़ रहा था मगर मन में रूसी माहौल पसंद नहीं आया। बार-बार भारत आना नहीं हो सकता था। इसलिए दम्पति ने रूस के लोगों को भारतीय जीवन दर्शन से रूबरू करवाने का मन बनाया। रूसी भारतीय मैत्री संघ दिशा नामक एक संगठन की स्थापना की। प्रारंभ में दिशा के माध्यम से लोगों को भारतीय जीवन दर्शन से जोडऩा शुरू किया। अक्टूबर 2018 में दिशा के माध्यम से रामलीला का मंचन शुरू किया। दम्पति ने रूस के युवाओं को खुद ही रामलीला के मंचन का प्रशिक्षण दिया तथा राम जन्म भूमि अयोध्या से पहले रूसी भाषा में रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। अब रूस के कई भागों में रामलीला का मंचन कर रहे हैं। बतौर रामेश्वर सिंह रूस के लोग रामलीला के मंचन से प्रभावित हो रहे हैं तथा मंचन में पन्द्रह सौ से दो हजार की संख्या में लोग लीला को देखने के लिए जुटते हैं। डा. रामेश्वर सिंह एवं उनकी पत्नी एलेक्जेंडर बताती हैं कि दिशा संगठन से करीब 26 हजार की संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। आपसी आर्थिक सहयोग से ही रामलीला का मंचन किया जा रहा है तथा मंचन से रूस के लोग भारतीय जीवन दर्शन से रूबरू हो रहे हैं।

मीनाराम सैनी स्मृति राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन 20 को
खेतड़ी. मीनाराम सैनी स्मृति नवम् राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन रविवार को प्रात:11 बजे से बसस्टेण्ड स्थित पोलो ग्राउण्ड में होगा। संयोजक गोपालराम सैनी ने बताया कवि सम्मेलन का संचालन हास्य के राष्ट्रीय कवि हरीश हिन्दुस्तानी करेंगे तथा कवि सम्मेलन में गजेन्द्र सिंह चारण (जयपुर), गोबिन्द यथार्थ (मालपुरा), कमलेश शर्मा (केकड़ी), महेन्द्र मतवाला (जहाजपुर) अपनी कविताओं की प्रस्तुति देंगे।

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