29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: नशे में मिला पंप हाउस का कर्मचारी, लोगों ने पूछा तो बोला- शराब पी रखी है और पीकर ही आऊंगा

विभाग के तकनीक सहायक महीपाल ने तय समय पर पानी की सप्लाई भी नहीं खोली। जिस कारण वार्डवासी पंप हाउस पहुंचे तो कर्मचारी महीपाल शराब के नशे में झूमता मिला।

2 min read
Google source verification
CHIDAWA

पंप हाउस पर कर्मचारी से पूछताछ करते पुलिसकर्मी और वार्ड वासी। फोटो- पत्रिका

चिड़ावा। शहर की मंड्रेला रोड पर एसटीपी के सामने वार्ड 33 में बने जलदाय विभाग के पंप हाउस का कर्मचारी गुरुवार को शराब के नशे में मिला। विभाग के तकनीक सहायक महीपाल ने तय समय पर पानी की सप्लाई भी नहीं खोली। जिस कारण वार्डवासी पंप हाउस पहुंचे तो कर्मचारी महीपाल शराब के नशे में झूमता मिला।

कर्मचारी ने वार्डवासियों के सामने भी शराब पी। जिसे उलाहना दिया तो कर्मचारी ने कहा कि शराब पी रखी है और पीकर ही आऊंगा। जिसके बाद वार्डवासियों ने पुलिस को इतला दी। पार्षद कोच राजेंद्रपाल सिंह और वार्डवासी ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि पंप हाउस से इलाके के सात-आठ वार्डों में पेयजल आपूर्ति होती है।

यह वीडियो भी देखें

गुरुवार को तय समय पर पानी नहीं खोला गया। जिसके बाद कुछ लोग पंप हाउस पहुंचे तो कर्मचारी महीपाल ने शराब की बोतल खोल रखी है। जिसे पानी नहीं खोलने का उलाहना दिया तो कर्मचारी महीपाल ने शराब के नशे में होने की बात कबूली। बाद में वार्डवासियों ने पुलिस को इतला दी।

थाने से हैड कांस्टेबल मंजू के नेतृत्व में कर्मचारी महीपाल का सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। पार्षद कोच राजेंद्रपाल सिंह ने सहायक अभियंता को कर्मचारी की करतूतों से अवगत करवाया। उन्होंने कर्मचारी को पंप हाउस में हटवाकर दूसरे कार्मिकों को लगवाने की मांग की। जिससे कि वार्डों में पेयजल की व्यवस्था सुचारू बनी रह सके।

यह भी पढ़ें : बड़ी बेटी का देवर छोटी बेटी से करना चाहता था शादी, पिता ने मना किया तो दी दर्दनाक मौत

शराब के नशे में मिला कर्मचारी

तकनीकी सहायक महीपाल की पहले भी शराब के नशे में रहने की शिकायत होती रही हैं। वार्डवासियों ने बताया कि कर्मचारी ने मनमर्जी कर रखी थी। जो कि समय पर मोटर भी नहीं चलाता, जिस कारण टंकी में पानी नहीं भर पाता। पार्षद कोच राजेंद्रपाल सिंह के मुताबिक पंप हाउस से सात-आठ वार्डों में पानी पहुंचता है। मगर कर्मचारी की लापरवाही के कारण वार्डवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।

Story Loader