
Rajasthan news झुंझुनूं। गहलोत राज में बनाए गए राजस्थान में 17 नए जिलों पर सियासत गरमाई हुई है। खुद सीएम भजनलाल शर्मा कुछ जिलों को हटाने के संकेत दे चुके है। वहीं, कांग्रेस साफ कह चुकी है कि अगर नए जिलों से छेड़छाड़ की गई तो ठीक नहीं होगा। इसी बीच अब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बड़ा बयान दिया। जूली ने कहा कि हम चाहते हैं कि राजस्थान में और भी जिले बनें ताकि आमजन को नजदीक ही प्रशासनिक सेवाओं का लाभ मिल सके। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शनिवार को झुंझुनूं में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने आए थे। इस दौरान सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने ये बात कही।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने 15 दिन पहले बयान दिया था कि हम 6 जिले बदल रहे है। इस पर हमने कहा था कि आप किस हैसियत से जिले बदलने की मांग कर रहे है। आप ना ही उस कमेटी के मेंबर है और ना ही सरकार का हिस्सा है। इस पर प्रदेशाध्यक्ष ने बयान पलटा था। उसके बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। हम चाहते है कि राजस्थान में और भी जिले मिले। आमजन को नजदीक ही प्रशासनिक सेवाओं को लाभ मिले। अगर भाजपा की सरकार दूरभावना पूर्वक राजनीतिक दृष्टि से काम करेगी तो हम इसका विरोध करेंगे।
जूली ने कहा कि 9 महीने में भाजपा सरकार के पास कई मौके आए, जहां पर सरकार विफल रही। पहले बिजली-पानी की व्यवस्था में विफल रही। फिर बारिश में पोल खुल गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को हर जिले में भेजा, लेकिन मंत्रियों के हाथ में कुछ नहीं है। मंत्रियों की कोई सुनता नहीं, पूछता नहीं। मंत्री की मुख्यमंत्री नहीं मानते। खुद मुख्यमंत्री की नहीं चल रही है। कोई भी निर्णय मुख्यमंत्री नहीं ले पा रहे हैं। शिक्षा मंत्री को बदलने की जरूरत है। वे बयानबाजी के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री जाति धर्म की बात कर तनाव पैदा कर रहे हैं।
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Updated on:
22 Sept 2024 09:18 am
Published on:
22 Sept 2024 08:53 am
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