
रूबिना के परिजन बने हिन्दू क्रांति सेना के सदस्य, निकाह में की मदद
रूबिना के परिजन बने हिन्दू क्रांति सेना के सदस्य, निकाह में की मदद
पिलानी. ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीर पराई जाणे रे’ भजन की उक्त पंक्तियां गांधी जयंती पर मंगलवार क्षेत्र के नरहड़ में चरितार्थ हो गई। यह भजन महात्मा गांधी को सर्वाधिक पसंद था और हिंदू क्रांति सेना ने अपने काम के जरिए एक तरह से महात्मा गांधी को सच्चे रूप में याद किया। संगठन के सदस्यों ने गांव की मुस्लिम बेटी रूबिना के निकाह में ना केवल परिजनों की भूमिका निभाई बल्कि उसके निकाह में मदद भी की।
माता-पिता की हो गई थी मौत
रूबिना के माता-पिता की करीब 7 साल पहले मौत हो गई थी। समाज से जुड़े लोगों ने रूबिना ने पाला। समाज के बुजुर्गों ने इस 2 अक्टूबर को रूबिना का निकाह तय कर दिया, निकाह की तारीख नजदीक आ गई लेकिन पैसे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई। इसकी जानकारी जब हिन्दू क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष विकास शर्मा व अन्य सदस्यों को लेगी तो उन्होंने मदद करने की ठानी। सबने मिलकर आनन फानन में पैसे जुटाए और बारातियों के स्वागत की व्यवस्था की। निकाह के दौरान सभी वहां मौजूद रहे और परिजनों की तरह सभी काम में सहयोग किया।
Updated on:
04 Oct 2018 01:30 pm
Published on:
04 Oct 2018 01:30 pm
