
school turned into police Cantonment during building inauguration
झुंझुनूं। इंद्रपुरा में स्थित एशिया महाद्वीप में एकमात्र ग्रामीण केंद्रीय विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण होने से पहले ही राजनीतिक वार-पलटवार शुरू हो गया है। लोकार्पण होने से पहले ही विद्यालय के गेट पर विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। कांग्रेस के समय स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय का लोकार्पण करने आ रहे भाजपाइयों का स्थानीय स्तर पर काफी विरोध किया जा रहा है। अभी तक राजनीतिक अखाड़े से दूर रहे केंद्रीय विद्यालय भी सियासत की चपेट में आ गए हैं। विरोध के बीच सांसद संतोष अहलावत, विधायक शुभकरण चौधरी, कलक्टर दिनेश यादव सहित केंद्रीय विद्यालय संगठन पदाधिकारी लोकार्पण समारोह में भाग लेंगे। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस, छात्र संगठन NSUI, दीनदयाल वाहिनी, माकपा, राष्ट्रीय लोकदल सहित विभिन्न संगठन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय विद्यालय का प्रवेश द्वार पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
मुख्यमंत्री राजे के निर्देश पर खोदे गए बोरिंग पत्थर डाल किए नष्ट
उधर, दौसा जिले के बांदीकुई में हाल ही में मुख्यमंत्री की गौरव यात्रा के तहत जब बांदीकुई में आई थी तब बांदीकुई व बसवा में पेयजल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बाणगंगा नदी में बोरिंग खुदवाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन 5 सफल बोरिंग होने के बाद सिकंदरा व इसके आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया और सिकंदरा के आसपास भूजल स्तर गिरने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों ने सभी पांच बोरिंगो में पत्थर डालकर उन्हें नष्ट कर दिया। इधर इस मामले में बांदीकुई के व्यापारियों व सर्वसमाज के लोग भी सड़को पर उतर आए। बांदीकुई बंद के आह्वान पर बाजार बंद कर जुलूस निकाला गया। मेडिकल बाजार के अलावा अधिकतर कस्बा बंद रहा।
लोगों की मांग है कि पानी की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे इसके बावजूद भी कुछ समाजकंटको ने जलदाय विभाग द्वारा खोजे गए बोरिंग में पत्थर डालकर उन्हें नष्ट कर दिया ऐसे में इन समाज कंटको पर कारवाई की जाए साथ ही नए बोरिंग खोदकर बांदीकुई को पेयजल उपलब्ध कराई जाए। इस मामले में शहरवासियों ने एसडीएम पिंक मीणा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
Updated on:
05 Oct 2018 01:15 pm
Published on:
05 Oct 2018 01:15 pm
