
शिलान्यास हुए छह महीने हो गए परंतु सड़कें अभी तक नहीं बनी
झुंझुनूं. अंचल में सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी का खेल हो या फिर अधिकारियों की लापरवाही के कारण मापदंडों पर निर्माण के खरा नहीं उतरने की। इन दिनों ग्रामीण अंचल के कई रूटों पर सड़कों का सुदृढ़ीकरण और चौड़ाई करने का काम चल रहा है। ऐसे में ना इनकी गुणवत्ता की जांच की जा रही है और ना ही इनके निर्माण को लेकर कोई मापदंडों की जांच कर रहा है। इन सड़कों के शिलान्यास को हुए छह महीने का समय हो गया है, परंतु अभी तक इनका निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। कार्यकारी एजेंसियों की ढिलाई के चलते जनता इनका दंश झेल रही है। इन्हीं में से एक है शहर के रोडनंबर तीन को लिंक करने खाजपुर-इंडाली-सोलाना मार्ग। इस मार्गपर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने और इसके सुदृढ़ीकरण के लिए 28 जुलाई2018 में शिलान्यास किया गया था। 16 करोड़ 38 लाख रुपए के बजट से 18 किमी इस लंबे मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने का कार्य शुरूकिया गया। परंतु इसका काम बहुत ही धीमी गति से चल रहा है। यहीं नहीं पहले से बनी पुरानी सड़क को झुंझुनूं तक तोड़ दिया गया और चौड़ाई के लिए गड्ढ़े खोदे हुए काफी वक्त हो गया। पुरानी सड़क को तोड़ दिए जाने के कारण इसमें बड़े-बड़े पत्थर निकल आए हैं। जिसके कारण दुपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह सड़क झुंझुनूं से इंडाली-भड़ौंदा कलां होते हुए सोलाना तक बनाई जानी है।
90 लाख की लागत, परंतु गुणवत्ता पर खरी नहीं होने की शिकायत
ग्रामीण अंचल में सुलताना से वाया किठाना होते हुए घरड़ाना की सीमा तक बन रही सड़क की गुणवत्ता ठीक नहीं बताई जा रही है। यह सड़क 90 लाख रुपए की लागत से बन रही है।रिटायर्ड एडीएम जीएल कटारिया समेत ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण मापदंडों पर खरी नहीं है।इसकी गुणवत्ता को जांचते हुए बेहतर बनाया जाए।
यहां पर भी कर दी लीपापोती
ग्रामीण अंचल में पुरोहितों की ढाणी ग्राम पंचायत से पुराना खाजपुर तक बन रही सड़क में लीपापोती कर रहे हैं। इस सड़क में घटिया निर्माण सामग्री काम में ली जा रही है। कुछ हिस्से में बन चुकी सड़क मोटरसाइकिल के चलने मात्र से ही उखड़ रही है। इसका कुछेक ग्रामीणों ने विरोध भी किया था।
इनका कहना है....
अगर शिकायतें आईहैं तो तीनों सड़कों के निर्माण कार्यों की जांच करवा लेते हैं।
सायरमल मीना, एक्सइएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग (झुंझुनूं)
इस मामले में आप एक्सइएन व एइएन से बात करें।
अशोक गुप्ता, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग (झुंझुनूं)
Updated on:
22 Jan 2019 12:40 pm
Published on:
22 Jan 2019 12:40 pm
