
इतना कर दिया मजबूर कि चली गई जान
चिड़ावा.पिलानी रोड पर सरकारी अस्पताल के सामने हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने शुक्रवार सुबह कर्ज से परेशान होकर फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मृतक के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। जिसमें कर्ज होने को जिक्र किया गया है। जिसकी जांच की जा रही है। दुकानदार नारनौल हाल अरडावतिया मोहल्ला निवासी रामवतार पुत्र महावीर सिकलीगर है। वह लंबे समय से चिड़ावा में किराये के मकान में रह रहा था। इस संबंध में मृतक के पुत्र अनिल सिकलीगर ने रिपोर्ट दी है। जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। मामले के अनुसार अरड़ावतिया मोहल्ला में किराये के मकान में रहने वाले रामवतार ने पिलानी रोड पर हार्डवेयर की दुकान कर रखी है। दुकानदार रामवतार ने अलसुबह दुकान खोली। मगर दुकान का सामान बाहर नहीं रखा। सुबह करीब आठ बजे तक हलचल नहीं होने पर पड़ौसी पूर्व पार्षद विद्याधर सैनी व अन्य दुकानदारों ने रामवतार को आवाज दी। मगर कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में ला दी।दुकान में जाकर देखा तो दुकानदार रामवतार पंखे के हुक से फंदा लगाकर लटका हुआ था। जिस पर पड़ौसी दुकानदारों ने मृतक रामवतार के पुत्र अनिल व पुलिस को इत जिस पर सीआइ संदीप शर्मा मय जाब्ते के घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने फंदे से शव को उतरवाया। राजकीय अस्पताल में पोस्टमाट्र्म के लिए भेजा। पुलिस जांच में मृतक के पास से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। जिसे पुलिस ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया। सूत्रों के अनुसार सुसाइड नोट में कुछ साहूकारों के नाम भी बताए जा रहे हैं। जिसकी भी जांच की जाएगी। पुलिस ने पोस्टमाट्र्म करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच हैड कांस्टेबल प्रहलाद यादव कर रहे हैं।
लाखों का कर्ज, हो रहा था परेशान-
दुकानदार रामवतार ने लाखों का कर्ज ले रखा था।जिससे वह परेशान था। मृतक के पुत्र अनिल की माने तो करीब 15 लाख सेज्यादा का कर्जा था। साहूकार आए दिन रुपयों का तकादा कर रहे थे। जिससे रामवतार काफी परेशान रहने लगा था। आस-पड़ौस के लोगों के अनुसार दुकानदार रामवतार कुछ दिन से ज्यादा ही परेशान था।
मंदा चल रहा था धंधा-
दुकानदार रामवतार कुछ साल पहले नारनौल से चिड़ावा आ गया। यहां आकर किराये की दुकान में धंधा शुरू किया। पहले दूसरी जगह पर दुकान थी। मगर तीन साल पहले पिलानी रोड पर हार्डवेयर की दुकान की। मगर यहां धंधा ज्यादा नहीं चल रहा था। ऐसे में कर्ज भी बढ़ता गया। दुकानदार रामवतार अक्सर अपने परिचितों को धंधा कमजोर चलने की बात कहा करता था।
सूदखोरों का चिड़ावा में जाल-
चिड़ावा में खूदखोरों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार शहर के कुछ साहूकार दो से पांच रुपया सैकड़ा तक का ब्याज वसूल रहे हैं। जिससे एक बार खूदखोरों के जाल में फंसने के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। सूदखोरी से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
Published on:
02 Feb 2019 12:37 pm
