
झुंझुनूं। बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने से जिले समेत पूरे राजस्थान के किसान परेशान हैं। उनको मजबूरी में कम दाम पर खुले बाजार में बाजरा बेचना पड़ रहा है। ऐसे में हर बोरी पर लगभग दौ सौ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। बाजरे का समर्थन मूल्य 2625 रुपए है, जबकि बाजार में बाजरा 2300 से 2475 के लगभग बिक रहा है। पहले तो कई किसान 2200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भी बेच चुके। इस बार बरसात अच्छी हुई थी। अकेले झुंझुनूं जिले में एक लाख 66 हजार 944 हेक्टेयर में बाजरे की फसल हुई है। पूरे जिले में सबसे ज्यादा बाजरा ही बोया गया था। इसके बाद ग्वार, मूंग व चवला की फसल बोई गई थी।
बाजरा श्री अन्न में शामिल है। पिछले वर्ष इसका समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति क्विंटल था, इस बार प्रति क्विंटल पर 125 रुपए केन्द्र सरकार ने बढ़ाकर इसका समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। लेकिन इस मूल्य का फायदा किसानों का नहीं मिल रहा। क्योंकि सरकार खरीद ही नहीं कर रही। पूरे देश में बाजरे का सबसे ज्यादा उत्पादन राजस्थान में होता है। देश के कुल उत्पादन का लगभग 42 प्रतिशत बाजरा अकेले राजस्थान में होता है। सबसे ज्यादा बाजरा बाडमेर, जैसलमेर, सीकर, चूरू, झुंझुनूं, जोधपुर, नागौर, जयपुर सहित अनेक जिलों में होता है। किसान रामचंद्र कुल्हरी ने बताया कि कई जिलों में 2200 रुपए से कम में किसान बाजरा बेचने का मजबूर हैं। समर्थन मूल्य की घोषणा होने के बाद इसकी खरीद भी अनिवार्य होनी चाहिए।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर 2024 तक देशभर में 69.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की खेती की गई, जबकि, बीते साल समान अवधि तक 70.89 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की बुवाई की गई थी। इस हिसाब से इस बार किसानों ने करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा की कम बुवाई की है।
इनका कहना है
बाजरे की खरीद का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए बात की जाएगी।
-सुमित गोदारा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
Published on:
08 Nov 2024 07:39 pm
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