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राजस्थान के इस जिले का ‘बाजरा’ बना गुजरात की पहली पसंद, किसान और व्यापारियों को मिल रहा लाभ

राजस्थान के इस जिले की कृषि उपज मंडी समिति का बाजरा गुजरात, हरियाणा और पंजाब राज्य की पहली पसंद बना हुआ है।
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टोंक

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Lokendra Sainger

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Updated: 19 Oct 2024, 3:57 PM IST

टोंक शहर की कृषि उपज मंडी समिति का बाजरा गुजरात, हरियाणा और पंजाब राज्य की पहली पसंद बना हुआ है। इन दिनों प्रतिदिन कृषि उपज मंडी से बाजरे के कट्टों से भरे ट्रक हरियाणा और गुजरात जा रहे है। कृषि में पिछले बीस दिनों से लगातार नए बाजरे की आवक हो रही। जिससे कृषि मंडी में बाजरे के मुख्य खरीददार व्यापारी बाजरे की गुणवत्ता के आधार पर बोली लगाकर खरीद रहे है। शहर की कृषि मंडी में बाजरे की लगातार आवक होने से मंडी परिसर में किसानों की भीड़ तथा वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ।

सरकार को राजस्व का फायदा

कृषि मंडी में किसानों की आवाजाही तथा वाहनों से मेले जैसा माहौल बना हुआ है। कृषि मंडी के व्यापारी और आढतिये बाजरे की बोली लगते ही तुरंत तुलाई करवाकर किसानों को जिंसों का भुगतान कर रहे है। कृषि मंडी सचिव डॉ.कमल किशोर सोनी ने बताया कि बाजरे की आवक से मंडी टैक्स में इजाफा हो रहा है और राज्य सरकार को राजस्व मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बाजरा बौंली, भाडौती, मित्रपुरा, लावा, पीपलू, झिराना, बगडी, सोहेला, मोटूका, दत्तवास, करेडा बुजुर्ग, चनानी, राहोली, कौथून, भुरटिया सहित विभिन्न गांवों से लगातार कृषि मंडी में बाजरे की आवक हो रही है।

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लगातार बढ़ रही मांग


मंडी व्यापारी व ग्रेडिंग प्लांट मालिक मुकेश टोडवाल ने बताया कि कृषि मंडी से बाजरा खरीदकर उसकी ग्रेडिंग करवाई जाती है और ग्रेडिंग के अनुरूप 50 किलो भरती के कट्टों की पैकिंग करवाकर गुजरात में बाजरा बेचा जा रहा है। गुजरात में ग्रेडिंग का बाजरा बिकता है। हरियाणा और पंजाब में बिना ग्रेडिंग का बाजारा बिकता है। गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से बाजरे की बहुत मांग है लेकिन कृषि मंडी बाजरे की इतनी आवक नहीं है।

पशु आहार बनाने में भी आता है काम

सत्यनारायण अग्रवाल का कहना है कि इस प्रकार कृषि मंडी में पिछले वर्ष की अपेक्षा बाजरे की आवक कम ही हो रही है। लेकिन बाजरे की गुणवत्ता भी पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष थोड़ी कमजोर है। इन दिनों बाजरे की करीब पांच हजार कट्टों की आवक हो रही है। तथा बाजरा बोली पर क्वालिटी के हिसाब से 2375 रूपए से 2450 रुपए तक बिक रहा है। यहां का बाजरा खाने के साथ साथ पशु आहार तथा मुर्गी दाना बनाने के काम आता है।

मंडी व्यापारी नितेश खण्डेवाल ने बताया कि कृषि उपज मंडी निवाई का बाजरा गुजरात, हरियाणा और पंजाब राज्य में बहुत मांग है। यहां से प्रत्येक सीजन में बाजरे के ट्रक तीनों राज्यों में जाते है। बाजरे के सीजन शुरू होने से पहले ही वहां के व्यापारी अपनी डिमांड मंडी व्यापारियों को बता देते है जिसके अनुरूप बाजरे की खरीद की जाती है।

कई जगहों से आ रहा बिकने

मंडी व्यापारी और ग्रेडिंग प्लांट मालिक शिवप्रकाश पारीक का कहना है कि निवाई कृषि मंडी में निवाई क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास जिलों और तहसीलों से बाजरा बिकने आता है। निवाई कृषि मंडी में बाजरे की गुणवत्ता के आधार ही किसान को उसकी उपज का सही मूल्य मिल जा है। कृषि मंडी से बाजरा खरीदकर ग्रेडिंग प्लांट में ग्रेडिंग करके बेचते है। निवाई के बाजरे की गुजरात में विशेष डिमांड है।