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नर्सिंग ऑफिसर ने 2017 में रचा इतिहास, अब पिस्टल शूटिंग में रोशन कर रही राजस्थान का नाम, पढ़ें आशा झाझड़िया की प्रेरणादायक कहानी

Asha Jhajhariya:झुंझुनूं की नर्सिंग ऑफिसर आशा झाझड़िया ने 2017 में माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रचा और अब एयर पिस्टल शूटिंग में राजस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही हैं।

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झुंझुनू

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Akshita Deora

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सुरेंद्र डैला

Nov 09, 2025

आशा झाझड़िया फोटो: पत्रिका

Real Life Motivational Story: साल 2017 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर कदम रखकर झुंझुनूं की बेटी आशा झाझड़िया ने जो इतिहास रचा, वह अब खेलों में भी दोहराने की तैयारी कर रही हैं। नर्सिंग ऑफिसर के रूप में कार्यरत आशा आज एयर पिस्टल शूटिंग में राजस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमका रही हैं।

झुंझुनूं के घरड़ाना खुर्द में जन्मी आशा ने मई-जून 2016 में दार्जिलिंग में एवरेस्ट के लिए बेसिक कोर्स किया। एडवांस माउंटनियरिंग के बाद 8 अप्रेल 2017 को एवरेस्ट अभियान पर रवाना हुईं और 16 अप्रेल को बेस कैंप पहुंचीं। कठिन रास्तों, बर्फीले तूफानों के बीच 22 मई 2017 को उन्होंने एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया।

हिम्मत नहीं हारी

आशा बताती हैं, सात हजार मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने पर कई पर्वतारोहियों के शव दिखे। उस पल हिम्मत जवाब देने लगी थी, लेकिन ठान लिया था कि अब पीछे नहीं हटना। और एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचीं।

अब तक का खेल सफर

एवरेस्ट फतह के बाद आशा ने एयर पिस्टल शूटिंग में अपना नया सफर शुरू किया।

राजस्थान प्री-स्टेट पिस्टल शूटिंग (जयपुर) में 10 व 25 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीते।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 10 मीटर में कांस्य और 25 मीटर में स्वर्ण पदक मिला।

नार्थ जोन चैंपियनशिप में 10 मीटर वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया।

एयर पिस्टल शूटिंग में जीते पदक