
पचपदरा (बाड़मेर ) .
पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के पुत्र और शिव विधायक मानवेंद्र सिंह ने शनिवार को भाजपा के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला और कहा कि अब उनकी धैर्य की सीमा समाप्त हो गई। अब वे खूल कर बोलेंगे, कमल का फूल, मेरी भूल। बाड़मेर के पचपदरा में स्वाभिमान रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में जब उनके पिता जसवंत सिंह का टिकट काटा गया तो उनके पास नरेंद्र मोदी का फोन आया। मोदी बोले-मैं कुछ नहीं कर सकता। जयपुर के एक और दिल्ली के दो नेताओं ने षड़यंत्र रचा है। मानवेंद्र ने कहा कि उन्होंने 4 साल तक हर स्तर पर बात की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब स्वाभिमान से जुड़े लोग उनका निर्णय तय करेंगे। तभी सभा में मौजूद कुछ लोग कांग्रेस-कांग्रेस... के नारे लगाने लगे। इस दौरान मानवेंद्र कुछ नहीं बोले, बस मुस्कुराते रहे। मानवेंद्र की पत्नी चित्रा सिंह ने भी कहा कि समाज हमारा निर्णय करेगा। यह तय है कि अब बीजेपी में नहीं रहेंगे। रैली में बड़ी संख्या में जसवंत समर्थक शामिल हुए।
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रिफाइनरी के साथ पचपदरा अब मारवाड़ का चुनावी रैली केन्द्र
बाड़मेर जिले का पचपदरा कस्बा रिफाइनरी के कारण तो प्रदेश में चर्चा में आया ही, अब यह चुनावी रैलियों का केंद्र भी बन गया है। एक महीने में यहां तीसरी बड़ी चुनावी रैली हुई है। अंग्रेजों के जमाने में रेलवे लाइन और बड़े व्यापारिक केन्द्र के बाद वर्षों तक हाशिए पर रहा पचपदरा फिर से सुर्खियों में है।
पचपदरा में नमक की खानें लगभग 600 साल से हैं। आजादी से पहले अंग्रेजों ने यहां रेल लाइन बिछा दी और अंग्रेज अधिकारियों के आवास, कार्यालय, कोषालय बने। यहां से नमक का निर्यात होता था। यह बड़ा व्यापारिक केन्द्र था। आजादी के बाद केन्द्र सरकार यहां से आसाम नमक भेजती थी। नमक की खानें 1979 की बाढ़ के बाद बर्बाद हो गईं। वर्ष 2012-13 में रिफाइनरी को लेकर उठापटक शुरू हुई। बाड़मेर के लीलाळा में रिफाइनरी का विरोध होने लगा तो विकल्प के तौर पर अचानक सांभरा (पचपदरा) का नाम आया तो यह कस्बा फिर सुर्खियों में आ गया।
राजनीति का केंद्र बना पचपदरा
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया था शिलान्यास
30 सितंबर 2014 को कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास किया था। यहां बड़ी राजनीतिक सभा का आयोजन कांग्रेस ने किया।
प्रधानमंत्री ने किया कार्य शुभारंभ
16 जनवरी 2018 को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रिफाइनरी का कार्य शुभारंभ किया। यह भाजपा की मारवाड़ की बड़ी रैलियों में शुमार हुई।
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एक माह में 3 रैलियां
2 सितंबर- मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने राजस्थान गौरव यात्रा के तहत यहां सभा की। मुख्यमंत्री ने यहां आकर बताया कि कांग्रेस ने रिफाइनरी को लेकर कुछ नहीं किया जबकि भाजपा ने यहां कार्य प्रारंभ करवाया है। रिफाइनरी भाजपा की देन है।
5 सितंबर- कांग्रेस ने संभाग स्तरीय संकल्प यात्रा के लिए पचपदरा को चुना। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पचपदरा इसलिए लाया हूं कि सबको समझ में आ जाए कि रिफाइनरी को लेकर भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया है। कांगे्रस ने ही पचपदरा में रिफाइनरी का शिलान्यास किया है और कांग्रेस सत्ता में आई होती तो अब तक रिफाइनरी बन जाती।
22 सितंबर- शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह ने भी पचपदरा में स्वाभिमान रैली की। मानवेन्द्र का पचपदरा को चुनने का कारण यहां बड़ी रैलियों का पहले से आयोजन होना रहा है। इसके अलावा जसवंतसिंह का पैतृक गांव जसोल यहां से महज बीस किमी दूरी पर है। मानवेन्द्र भी रैली में संपूर्ण मारवाड़ से समर्थन चाहते थे, इसलिए इसका चुनाव किया गया।
केन्द्र बिन्दु बन रहा पचपदरा
पचपदरा से जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, पाली, जालोर और सिरोही जिलों की लगभग समान दूरी है। मेगा स्टेट हाईवे से जुड़ाव होने के साथ ही पार्किंग और आवागमन को लेकर सुविधा है।
Updated on:
22 Sept 2018 05:53 pm
Published on:
22 Sept 2018 05:53 pm
