
सोलंकियातला गांव सरपंच आत्महत्या मामला : दोनों व्यवस्थापक हिरासत में, गिरफ्तारी के आश्वासन पर उठाया शव
जोधपुर. शेरगढ़ थानान्तर्गत सोलंकिया तला गांव में सरपंच गोपालसिंह (45) पुत्र सांगसिंह राठौड़ के आत्महत्या के मामले में भतीजे की तरफ से आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज होने के बाद अब मृतक की पत्नी के नाम से विधायक पति व अन्य के खिलाफ पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है। इसे एफआइआर में शामिल किया गया है। दोनों व्यवस्थापक के पकड़ में आने व जांच के बाद पांच दिन में गिरफ्तारी के आश्वासन पर गुरुवार देर शाम सहमति बनी और परिजन व ग्रामीणों ने शव उठाया।
पुलिस के अनुसार सोलंकिया तला निवासी मृतक सरपंच की पत्नी समुकंवर की तरफ से पीहर पक्ष ने पुलिस को लिखित शिकायत पेश की। महिला की तरफ से आरोप है कि आत्महत्या से एक दिन पहले सरपंच ने पत्नी से परेशानी का जिक्र किया था। उसने पत्नी से कहा था कि विधायक पति ने शेरगढ़ विकास अधिकारी पर फोन कर दबाव डाला कि व्यवस्थापक भोमसिंह पुत्र भंवरसिंह व खेतसिंह पुत्र गणपतसिंह ही सोलंकिया तला पंचायत के सभी कार्य करेंगे। सरपंच का कोई लेना-देना नहीं होगा। जबकि भोमसिंह व खेतसिंह कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में व्यवस्थापक हैं। विधायक पति से राजस्थान पत्रिका ने बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
सरपंच ने पत्नी से यह भी कहा था कि ग्राम सेवक महावीर प्रसाद व पूर्व ग्राम सेवक का पति रावलसिंह ने उसके साथ बड़ा धोखा कर फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए का गबन किया है। वो उसे फंसाना चाहते हैं। थानाधिकारी भवानीसिंह का कहना है कि मृतक की पत्नी के नाम से पीहर पक्ष ने परिवाद पेश किया है। जिसे शामिल पत्रावली कर जांच की जाएगी।
पूर्व विधायक के नेतृत्व में थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन
उधर, पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़ के नेतृत्व में परिजन व ग्रामीण शेरगढ़ पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन किया। महिला एलडीसी आसु कंवर व उसके पति रावलसिंह, ग्राम विकास अधिकारी महावीरप्रसाद आर्य और भोमसिंह व खेतसिंह के खिलाफ आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया गया था।
पांच दिन में गिरफ्तारी के आश्वासन पर बनी सहमति
गतिरोध के चलते पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राहुल बारहठ मौके पर पहुंचे और परिजन व प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। उन्होंने दोनों व्यवस्थापक भोमसिंह व खेतसिंह को पकडऩे व हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू करने की जानकारी दी। साथ ही जांच के बाद पांच दिन में गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। तब देर शाम दोनों पक्षों में सहमति बनी और शव उठा लिया गया। ग्रामीणों के गतिरोध के चलते ग्रामीण पुलिस के अधिकांश अधिकारी मौके पर जुटे रहे। अफसरों ने गांव में कैम्प कर रखा है और ऐहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
Published on:
26 Jul 2019 12:56 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
