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Ayushman card : अब केंद्र सरकार का चिरंजीवी की तर्ज पर आयुष्मान भारत कार्ड फोकस, कैंप लगने शुरू

अभी कुछ महीने पहले शिविर लगे थे, वहां भी बड़ी भीड़ थी। महंगाई राहत वाले शिविर में कार्ड लेकर आए। चिरंजीवी (chiranjeevi scheme) में हमारे पैसे तो नहीं लगे, लेकिन पूरा दिन खराब हुआ। अब हमारे पड़ौसी ने कहा कि नई सरकार नए कैम्प लगा रही है। इसलिए अब यहां भी आना पड़ रहा है। आयुष्मान वाला कार्ड (Ayushman card) बनवाने आए हैं।

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अभी कुछ महीने पहले शिविर लगे थे, वहां भी बड़ी भीड़ थी। महंगाई राहत वाले शिविर में कार्ड लेकर आए। चिरंजीवी (chiranjeevi scheme) में हमारे पैसे तो नहीं लगे, लेकिन पूरा दिन खराब हुआ। अब हमारे पड़ौसी ने कहा कि नई सरकार नए कैम्प लगा रही है। इसलिए अब यहां भी आना पड़ रहा है। आयुष्मान वाला कार्ड (Ayushman card) बनवाने आए हैं। यह कहना है राकेश कुमार का, जो मंगलवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान लगे शिविर में पहुंचे थे। कुछ ऐसी ही बात यहां कतार में लगे सुरेश सीरवी व बेनी पंवार भी बताते हैं। यही कहानी वहां लाइन में खड़े दूसरे लोगों की है। पूरे जिले में ऐसे कई शिविर लग रहे हैं। आने वाले दिनों में कई शिविर और लगेंगे। लोगों का कहना है कि सरकारें तो आती-जाती रहती हैं, एक बार में क्यों नहीं बनाए जाते सभी तरक के कार्ड।


अब हेल्थ पर कुछ ऐसा फोकस
विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने महंगाई राहत कैम्प में भी हेल्थ सेक्टर पर फोकस किया था और अपने चुनावी कैम्पने में चिरंजीवी योजना को भुनाया था। ठीक उसी प्रकार अब केन्द्र सरकार भी अपनी हेल्थ स्कीम को भुनाने में लगी है। हर जिले को आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए टारगेट दे दिए गए हैं। जोधपुर में बनने हैं 11 लाख कार्ड : जोधपुर जिले में अब तक आयुष्मान भारत कार्ड सिर्फ 3 लाख लोगों के पास है। 2011 की जनगणना के अनुसार पहले जो सूची मिली थी उसमें 8 लाख लोगों के नाम थे। अब कुछ नाम और जुड़े तो यह संख्या करीब 11 लाख पर पहुंच गई है। अभी इन शिविरों के जरिये 8 लाख और आयुष्मान भारत कार्ड बनाने हैं। इसी के लिए शिविर में एक्सरसाइज की जा रही है। चिकित्सा विभाग के उप निदेशक सुनील कुमार बिष्ट बताते हैं कि राज्य सरकार की मशीनरी ही पूरी तरह इस कार्ड को बनवाने के लिए धरातल पर काम कर रही है।

आईडी बनवा लो ऑनलाइन कब होगा पता नहीं
इन शिविरों में आयुष्मान कार्ड के साथ ही आभा आईडी बनवाने का काम भी करवाया जा रहा है। यह एक यूनिक आईडी होगी जिसमें व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री होगी। जीवन में उसे किसी भी अस्पताल में जाने पर इस आईडी का उपयोग करना होगा और उसके उपचार की पूरी जानकारी भी ऑनलाइन रहेगी। हालांकि अभी सिर्फ आईडी बनाने का काम किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पूरे प्रदेश में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाना लोकसभा चुनाव से पहले संभव नहीं है।

कैंप में सैकड़ों लाभार्थियों ने करवाया रजिस्ट्रेशन
जोधपुर. विकसित भारत संकल्प यात्रा में मंगलवार को नगर निगम कार्यालय, पॉलिटेक्निक कॉलेज और भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर कैंप लगाए गए। जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली ने निरीक्षण कर कैंप की व्यवस्थाओं का जायज लिया। नगर निगम मुख्यालय कैंप प्रभारी उपायुक्त विक्रमङ्क्षसह ने बताया कि 547 आवेदकों ने आवेदन जमा कराए। भगत की कोठी रेलवे स्टेशन कैम्प प्रभारी जब्बरङ्क्षसह ने बताया कि कैंप में 562 लोगों ने पंजीयन कराया। महापौर दक्षिण वनिता सेठ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कैंप में आने वाले लाभार्थियों का पंजीयन करने के साथ ही उन्हें इन योजनाओं से लाभान्वित करें।

चिरंजीवी का रिन्यूअल नहीं
पहले चिरंजीवी योजना के लिए लोग कतार में लगे। बीपीएल श्रेणी के लोगों को बिना किसी प्रीमियम के इस योजना का लाभ मिलता था। अन्य लोगों के लिए 850 रुपए प्रति वर्ष का प्रीमियम था। इनमें सरकारी व निजी अस्पताल में 25 लाख तक का उपचार निशुल्क होता था। लेकिन अब आचार संहिता लगने के बाद से ही प्रीमियम रिन्यू होना व नए हितधारकों को इसमें जोडऩे का काम अघोषित रूप से बंद कर दिया गया है।

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आज यहां होगा कैंप
आयुक्त दक्षिण विशाल दवे ने बताया कि बुधवार को सरस्वती नगर पार्क वार्ड संख्या 40 और शास्त्री नगर पार्क सेक्टर डी सत्यनारायण मंदिर में कैंप आयोजित किया जाएगा।

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