नासोली गांव में बजरी खनन पर रोक

  • राजस्थान हाईकोर्ट

By: rajesh dixit

Updated: 21 Nov 2020, 07:34 PM IST

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जालोर जिले के नासोली गांव में कथित रूप से लूनी नदी के हिस्से में स्वीकृत लीज से अग्रिम आदेश तक बजरी खनन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार व लीजधारकों को जवाब तलब किया है।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश देवेन्द्र कछवाहा की खंडपीठ में याचिकाकर्ता गणपतसिंह की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह ने कोर्ट को बताया कि अधीक्षण खनि अभियंता ने 22 नवंबर, 2019 को निजी व्यक्तियों के पक्ष में बजरी खनन की लीज स्वीकृत की थी। बजरी खनन के प्रस्ताव के साथ पेश किए गए की-प्लान के अनुसार खनन क्षेत्र लूनी नदी का हिस्सा है, जबकि नदी में जल के प्राकृतिक पुनर्भरण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन पर रोक लगा चुका है। खंडपीठ ने अग्रिम आदेश तक बजरी खनन पर रोक लगा दी है।


खान आवंटन पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता अर्जुनसिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद बाड़मेर जिले के सिवाना तहसील के धीरा गांव में खसरा संख्या 332 में खान आवंटन पर रोक लगा दी है। यह भूमि पर राजस्व रिकॉर्ड में पहाड़ी व पर्वत (चारागाह) के रूप में दर्ज है।

rajesh dixit Desk
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