21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bhanwari Devi murder case : हाईकोर्ट के आदेश पर मेडिकल बोर्ड ने की मलखान की चिकित्सा जांच

Bhanwari Devi Murder Case - राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में आरोपी पूर्व विधायक मलखान सिंह की शुक्रवार को एमडीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने चिकित्सा जांच की।

2 min read
Google source verification
 ANM Bhanwari Devi Case: Due to security reasons the police did not present any accused in the court

ANM Bhanwari Devi Case: Due to security reasons the police did not present any accused in the court

जोधपुर। bhanwari devi Murder Case - राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में आरोपी पूर्व विधायक मलखान सिंह की शुक्रवार को एमडीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड ने चिकित्सा जांच की।

मोदी सरकार के निर्देश के बाद राजस्थान में पेट्रोल को लेकर आई बड़ी खबर

मेडिकल बोर्ड शनिवार को जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करेगा। जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 11 जून को होगी। Malkhan Singh Bishnoi की ओर से सर्जरी के लिए अंतरिम जमानत याचिका लगाने के बाद हाईकोर्ट ने एसएन मेडिकल कॉलेज को एक मेडिकल बोर्ड गठित कर मलखान बिश्नोई स्वास्थ्य का परीक्षण कर सर्जरी के प्रकार और उसकी तत्काल जरूरत की रिपोर्ट आठ जून तक कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।

MP बनने से पहले विदेश में खेती करते थे गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान लौटकर ढहाया 'जादूगर' का किला

हाईकोर्ट के निदेश पर गठित मेडिकल बोर्ड ने शुक्रवार को करीब दो घंटों तक पूर्व विधायक की बीमारी से सम्बधी विभिन्न जांच की। इसके बाद मेडिकल बोर्ड में शामिल ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सांघवी, यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. शब्बीर ने रिपोर्ट अधीक्षक को सौंपी। एमडीएम अधीक्षक डॉ. एमके आसेरी ने बताया कि रिपोर्ट को शनिवार को हाइकोर्ट में पेश किया जाएगा।

क्या मंत्री न बनाए जाने से नाराज हैं हनुमान बेनीवाल? शपथ ग्रहण समारोह में नहीं हुए शामिल

सर्जरी के लिए अंतरिम याचिका
भंवरी प्रकरण के आरोपी मलखान बिश्नोई की आेर से कोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका में बताया गया था कि याचिकाकर्ता पथरी से पीडि़त है और उसे सर्जरी की जरूरत है। इस पर सीबीआइ के विशिष्ट लोक अभियोजक पन्नेसिंह रातड़ी ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थना पत्र में यह उल्लेख नहीं है कि सर्जरी की तत्काल जरूरत है या नहीं। न्यायाधीश पीके लोहरा ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मेडिकल बोर्ड गठित करने और अजमेर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को याचिकाकर्ता के स्वास्थ्य का परीक्षण करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।