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Big Fraud : नौकरी छोड़ शुरू की कम्पनी, 26 साल पहले धोखाधड़ी कर भागा था, अब पकड़ा

- निवेश करने पर धन दुगुना करने का झांसा देकर रुपए ऐंठने का मामला

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fraud accused

खाण्डा फलसा थाना पुलि सकी गिरफ्त में आरोपी।

जोधपुर.

खाण्डा फलसा थाना पुलिस ने कम्पनी खोलकर धन राशि दुगुना करने का झांसा देकर आमजन से रुपए ऐंठकर गायब रफ्फू चक्कर होने के 26 साल पुराने मामले में फरार वृद्ध को जयपुर से गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी महेशचन्द्र शर्मा ने बताया कि मूलत: जयपुर में जवाहर नगर हाल मानसरोवर निवासी योगेश उर्फ योगेशचन्द्र 68 पुत्र नारायण शर्मा मफरूर घोषित था। हेड कांस्टेबल महिपाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम गत 6 जून को जयपुर भेजी गई। तलाश के बाद जयपुर के मानसरोवर से योगेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।

जोधपुर में खोली थी ब्रांच

आरोपी पहले फाइनेंस कम्पनी में काम करता था। वर्ष 1991-92 में उसने और देव नाग उर्फ डीके व अहनीश ने साझेदारी में त्रिवेणी ग्रीनरी फिलीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेउ नामक फाइनेंस कम्पनी शुरू की थी। जयपुर में मुख्यालय और जोधपुर में शाखा खोली गई थी। देव नाग, एके भटनागर, योगेश शर्मा कम्पनी में डायरेक्टर थे और रामगोपाल गहलोत व जमील अहमद विकास अधिकारी थे।

धन दुगुना करने का झांसा

आरोपियों ने धन दुगुना करने का झांसा देकर आमजन से खाते खुलवाए थे और रुपए जमा किए थे। फिर कम्पनी बंद कर गायब हो गए थे। 8 अक्टूबर 1998 को अब्दुल मजीद अब्बासी ने एफआइआर दर्ज करवाई गई थी। तब से योगेश शर्मा गायब हो गया था। कोर्ट ने उसे मफरूर घोषित कर रखा था। आरोपी ने जयपुर में अपना मकान बदल दिया था। वह हरिद्वार, दिल्ली, अलवर, पंजाब, हरियाणा, यूपी व एमपी में धार्मिक जगहों पर फरारी काट रहा था।