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भाजपा के विधायक व पार्षद पति हुए आमने सामने, विधायक ने दर्ज करवाई एफआईआर

- ऑफिस में तोडफ़ोड़, पीएम, मंत्रियों के नाम अपशब्द व स्टाफ से मारपीट का आरोप
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भाजपा के विधायक व पार्षद पति हुए आमने सामने, विधायक ने दर्ज करवाई एफआईआर

जोधपुर . रेल मंत्री की जोधपुर में मौजूदगी के बावजूद भाजपा नेताओं में मतभेद सामने आ गए और विवाद थाने तक पहुंच गया। शहर विधायक कैलाश भंसाली के निजी सहायक ने पार्टी के पूर्व पार्षद के खिलाफ कार्यालय में घुसकर तोड़-फोड़ करने व प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व मंत्रियों के लिए अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए शनिवार रात शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवा दी। उधर, पूर्व पार्षद ने आरोपों से इनकार किया है। थानाधिकारी अमित सिहाग ने बताया कि शास्त्रीनगर सेक्टर-ए निवासी विधायक भंसाली के निजी सहायक सुमेर मेहता ने वार्ड-36 के पूर्व पार्षद व एवं वर्तमान पार्षद के पति निर्मल कांकरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच की जा रही है। निजी सहायक का आरोप है कि कांकरिया सुबह 10.30 बजे विधायक भंसाली के कार्यालय में आए व कम्प्यूटर फेंक दिया। साथ ही गाली-गलौज की। आरोप है कि बीच-बचाव करने आए कार्यालय के स्टाफ से धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। निजी सहायक की शिकायत पर पुलिस ने रात को मामला दर्ज कर जांच उप निरीक्षक राजूराम को सौंपी है।

तबादले न करवाने पर बात करने गया था : पार्षद
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व मंत्रियों के लिए अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए शनिवार रात शास्त्रीनगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई। उधर, कांकरिया का कहना है कि शिक्षकों के तबादले के लिए राज्य सरकार ने स्थानीय पार्षद की डिजायर का प्रावधान रखा है। ऐसे में वार्ड की सरकारी स्कूल के सात शिक्षकों के तबादले के लिए उन्होंने डिजायर लिखकर विधायक को भिजवाई थी। विधायक ने विश्वास भी दिलाया था, लेकिन किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं हुआ। इस पर वह विधायक से बात करने व कार्यकर्ताओं की नाराजगी से अवगत कराने गए थे। तोड़-फोड़, गाली-गलौज व मारपीट नहीं की गई। कांकरिया ने कहा कि विधायक कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज जांचने पर आरोप गलत साबित हो सकते हैं। विधायक कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज जांचने पर आरोप गलत साबित हो सकते हैं।