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रेल की शिकायतों पर मंत्री गोयल ने झाड़ा पल्ला, उप चुनावों में भाजपा की हार पर दिया ये बड़ा बयान

उपलब्धियों के बखान के साथ किसान आंदोलन, महंगाई और उप चुनावों में हार पर दी सफाई

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रेल की शिकायतों पर मंत्री गोयल ने झाड़ा पल्ला, उप चुनावों में भाजपा की हार पर दिया ये बड़ा बयान

जोधपुर . केन्द्र में नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने और राजस्थान में चुनाव की नजदीकियों को देखते हुए भाजपा ने विजन 2022 के साथ उपलब्धियों का कार्ड खेलना शुरू कर दिया है। शनिवार को जोधपुर आए केन्द्रीय रेल, वित्त, कोयला और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में केंद्र सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का बखान करते हुए पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, किसानों का आंदोलन और उप चुनाव में हार जैसे कई मुद्दों पर सफाई दी। सीवीसी की रिपोर्ट के अनुसार केवल रेलवे में ही 12 हजार शिकायतें प्राप्त होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रेलवे में प्रतिवर्ष 864 करोड़ यात्राएं होती हैं। सबसे बड़ा विभाग है। सबसे ज्यादा शिकायतें मिलती हैं। इन पर कार्रवाई भी करते हैं। रेल में खाने की शिकायतों पर बोले- हम केटरिंग कॉन्ट्रेक्ट की पूरी निगरानी रखते हैं। फिर भी यदि इसको लेकर समस्याएं हैं तो शिकायत जरूरी है। फीडबैक आना चाहिए। केवल यह कहने पर कि रेल फूड को लेकर शिकायतें हैं, हम ठोस कार्रवाई नहीं कर सकते। सख्त कार्रवाई के लिए हमें कॉज ऑफ एक्शन चाहिए। शिकायत करने के लिए एप और टोल फ्री नम्बर भी हैं। रेलवे में 50 फीसदी से अधिक लम्बी दूरी की ट्रेनों के देरी से चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक रेल लाइन पर 150 प्रतिशत तक भार है। कई बार आवश्यक कारणों से ट्रेन रोकनी पड़ती है। इन चुनौतियों के बावजूद ट्रेनों को समय पर चलाने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजना से गरीबों को इलाज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इस दौरान उनके साथ केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, केन्द्रीय विधि न्याय एवं कॉर्पोरेट राज्यमंत्री पीपी चौधरी भी मौजूद थे।

स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं उप चुनाव : गोयल

उप चुनाव में भाजपा की हार के सवाल पर गोयल ने कहा, आप देखिए कितने राज्यों में भाजपा की सरकारें बनी हैं। यह हमारी जीत है। हमारे लिए राज्य ज्यादा जरूरी है। देश की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में भाजपा उभरकर आई है।
जहां तक सवाल उप चुनावों में हार का है तो वे चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं।

क्या बोले, क्यूं बोले

क्या बोले : जीएसटी से आर्थिक विकास हुआ है। अप्रेल में ही इतना टैक्स आया, जितना आज तक नहीं आया। राजस्व बढऩे के साथ व्यापार में पारदर्शिता आई।
क्यूं बोले : जीएसटी को लेकर छोटे वर्ग के व्यापारियों में रोष है। कई व्यापारियों के रिटर्न अटके हैं। ई-वे बिल की जटिलता और अन्य कागजी कार्रवाई से सरकार के विरोध में माहौल।

क्या बोले : केन्द्र में भाजपा सरकार से पहले तक राजस्थान के लिए 682 करोड़ रुपए ही रेल मंत्रालय औसतन खर्च करता था। अब 2912 करोड़ रुपए एक साल में खर्च कर सरकार विकास की पटरी पर दौड़ रही है।
क्यूं बोले : इस साल राजस्थान में चुनाव है। स्थानीय लोग नई ट्रेनें चलाने और सुविधाएं बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मारवाड़ के दोनों केन्द्रीय राज्यमंत्री भी इसके लिए मांग कर चुके।

क्या बोले : देश में 7 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनावाए। वर्ष 2022 तक भारत को विकसित देश बनाना है।
क्यों बोले : सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 तक पूरे भारत में शत-प्रतिशत शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है। 2022 तक देश को विकसित करने का नारा देकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों को भुनाने की तैयारी।

क्या बोले : पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर नियंत्रण के लिए केन्द्र और प्रदेश की सरकारें प्रयास कर रही हैं। जब कच्चे तेल की कीमतें कम थी और राज्य सरकारों को टैक्स के रूप में जो लाभ हुआ उससे विकास कार्य करवाए गए।
क्यूं बोले : पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सरकार चौतरफा घिरी हुई है। सोशल मीडिया के जरिए भी सरकार पर हमला किया जा रहा है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने सफाई दी।

क्या बोले : 2013-14 में जितना विदेशी निवेश था, वर्ष 2017-18 में दोगुना हो चुका।
क्यूं बोले : 48 माह मे सर्वाधिक विदेश यात्राएं करने वाले नरेन्द्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। सवाल उठ रहे हैं कि इन यात्राओं का फायदा भी मिला या नहीं।

क्या बोले : किसानों के लिए सरकार ने बहुत कुछ किया। शत-प्रतिशत खराबे का मुआवजा दिया। जल्द ही न्यूनतम खरीद मूल्य तय होने वाले हैं। दलहन का स्टॉक बढ़ाया और बढ़ती कीमतों पर रोक लगाई। किसानों की आय दो गुनी करने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं।
क्यूं बोले : कई जगह किसान आंदोलनरत हैं। दस दिन के बंद का निर्णय किया है। दूध और सब्जियां सड़कों पर फेंकी जा रही है। सरकार पर दबाव।