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अधीनस्थ अदालतों में आवश्यक न्यायिक कार्य नहीं होने को गंभीर माना

अधीनस्थ अदालतों में आवश्यक न्यायिक कार्य नहीं होने को गंभीर माना
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अधीनस्थ अदालतों में आवश्यक न्यायिक कार्य नहीं होने को गंभीर माना

अधीनस्थ अदालतों में आवश्यक न्यायिक कार्य नहीं होने को गंभीर माना


जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अधीनस्थ व विशेष अदालतों सहित न्यायाधिकरणों में आवश्यक न्यायिक कार्य संपादित नहीं होने और बढ़ते लंबित मामलों को गंभीरता से लिया है। रजिस्ट्रार जनरल ने सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को पत्र लिखकर कहा है कि जब भी नियमित कामकाज शुरू होता है, आवश्यक न्यायिक कार्यों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसकी अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लॉकडाउन और ग्रीष्माकालीन अवकाश के बाद अधीनस्थ अदालतों में 29 जून से नियमित कामकाज शुरू हुआ था। इसी तरह 1 अगस्त से पक्षकारों की सहमति होने पर साक्ष्य रिकॉर्ड करने के भी निर्देश दिए गए। अधीनस्थ अदालतों में 14 सितंबर तक नियमित कामकाज संचालित हुआ, लेकिन रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार ढ़ाई महीने की अवधि में अधिकांश अधीनस्थ अदालतों में आवश्यक न्यायिक कार्य संपादित नहीं हुआ। इससे लंबित मामलों की संख्या भी बढ़ गई। हाईकोर्ट प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। रजिस्ट्रार जनरल ने सभी अधीनस्थ अदालतों के पीठासीन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में जब भी नियमित न्यायिक कार्य शुरू हो, आवश्यक न्यायिक कार्यों का संपादन सुनिश्चित किया जाए तथा पक्षकारों को राहत दी जाए। साथ ही लंबित मामलों की संख्या कम करने पर ध्यान दिया जाए।