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राजस्व न्यायिक तंत्र में अधिवक्ताओं की भूमिका की मांग

बार कौंसिल ऑफ राजस्थान
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राजस्व न्यायिक तंत्र में अधिवक्ताओं की भूमिका की मांग

राजस्व न्यायिक तंत्र में अधिवक्ताओं की भूमिका की मांग

जोधपुर। बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष सैयद शाहिद हसन एवं पूर्व अध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा के संयुक्त शिष्टमंडल ने सोमवार को राजस्व मंत्री हरीश चौधरी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में राजस्व न्यायिक सेवा का गठन करने की मांग की।
ज्ञापन में राजस्व न्यायिक सेवा में अधिवक्ताओं को चयनित कर पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने तथा राजस्व न्यायालयों में अधिवक्ताओं को लगाने की मांग की गई है। हसन ने कहा कि राजस्व बोर्ड में नियुक्त प्रशासनिक अधिकारियों के स्थान पर न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को चयनित किया जाए। राजस्व मंत्री के ध्यान में लाया गया कि वर्तमान में प्रदेश मे किसानों की जमीनों से जुडे लाखों मुकदमे राजस्व अदालतों में लंबित हैं। राजस्व मंडल में न्यायिक व वकील कोटे के चार सदस्यों को छोडकर प्रदेश की राजस्व न्यायालयों में ऐसे अधिकारी नियुक्त हैं जिनके पास कानून की डिग्री ही नहीं हैं। पूरा राजस्व न्यायिक तंत्र न्यायिक अधिकारियों की बजाए आरएएस एवं आईएएस. अधिकारियों के हाथों में हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की जगह राजस्व मंडल एवं राजस्व न्यायालयों में विधि क्षेत्र के न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को नियुक्त करने से संबंधित पक्षकारों को उचित विधिसम्मत् न्याय मिलेगा।