
जोधपुर।
राज्य में नवगठित कांग्रेस सरकार में अपने विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने के लिए उनके समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन का यह सिलसिला जयपुर से लेकर प्रदेश के कई हिस्सों तक पहुंच गया है। इन्हीं विरोध-प्रदर्शनों के बीच ओसियां से विधायक बनीं दिव्या मदेरणा और उनकी मां लीला मदेरणा ने बुधवार को गुडामालानी विधायक व पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी से मुलाक़ात की। जोधपुर के कृष्णा नगर स्थित हेमाराम चौधरी के आवास पर हुई इस मुलाकात के राजनितिक गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि हेमाराम को केबिनेट में शामिल नहीं किए जाने के कारण उनके समर्थकों ने सोमवार को रोष जताते हुए जयपुर जाकर पीसीसी के समक्ष अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। हालांकि उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए गए।
इस बीच मदेरणा परिवार की हेमाराम से मुलाकात की सियासी गलियारों में खूब चर्चा रही। कांग्रेस के कद्दावार नेता रहे दिवंगत परसराम मदेरणा से हेमाराम के पारिवारिक संबंध रहे हैं। मदेरणा के लिए हेमाराम ने 1995 में गुडामालानी की सीट भी खाली की थी।
इधर भी मंत्री नहीं बनाने पर समर्थक नाराज़
वरिष्ठ नेता डॉ सीपी जोशी समर्थकों ने बुधवार को नाथद्वारा में और विधायक गिर्राज सिंह के समर्थकों ने बाड़ी में प्रदर्शन किया। इससे पहले हेमा चौधरी, जाहिदा खान और टिकाराम जुली समर्थक भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
दिन में इस्तीफों की धमकी, शाम को भेजा ज्ञापन
मेवाड़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नाथद्वारा विधायक डॉ. सीपी जोशी को राज्य मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने बुधवार को नाथद्वारा की एक होटल में बैठक की, जिसमें नाथद्वारा, राजसमंद और रेलमगरा क्षेत्र के पदाधिकारी शामिल हुए। पौन घंटे चली बैठक से पहले तो बड़ी संख्या में पदाधिकारियों के इस्तीफे की बात कही जा रही थी, लेकिन बाद में उन्होंने नरम पड़कर आलाकमान को ज्ञापन भेजते हुए धमकी दी।
नाथूवास स्थित होटल उत्सव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकीनदंन गुर्जर, पूर्व विधायक गणेश सिंह परमार, पीसीसी सदस्य हरिसिंह राठौड़ और गुणसागर कर्णावट की मौजूदगी में हुई बैठक में जिला एवं विभिन्न ब्लॉक पदाधिकारियों ने कहा कि नाथद्वारा से विधायक डॉ. सीपी जोशी मेवाड़ के कद्दावर नेता हैं।
वह मुख्यमंत्री पद के योग्य थे। उन्हें यह पद नहीं मिलने पर कम से कम मंत्री पद मिलने को लेकर पूरे मेवाड़ की जनता और कार्यकर्ताओं आश्वस्त थे। जोशी को इस योग्य भी नहीं समझा गया। सभी ने एक स्वर में राज्य एवं केन्द्र स्तर के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया कि लोकसभा चुनाव से पहले डॉ. जोशी को मंत्रिमंडल में सम्मानजनक पद दें, अन्यथा लोकसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
Published on:
27 Dec 2018 10:13 am
