1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

टेलीफोन ऑफिस के पास बनाया शिव मंदिर और नाम कहलाया दूरसंचारेश्वर महादेव मंदिर

ऐसे ही कुछ अनूठे नाम वाले शंकर सूर्य नगरी में विराजित है। तार घर के पास भारतीय संचार निगम लिमिटेड के मुख्यालय प्रवेश द्वार के बाहर बने शिवालय को दूरसंचार कर्मियों ने दूरसंचारेश्वर नाम दिया है।

less than 1 minute read
Google source verification
shiv temples in jodhpur

टेलीफोन ऑफिस के पास बनाया शिव मंदिर और नाम कहलाया दूरसंचारेश्वर महादेव मंदिर

जोधपुर. सृष्टि के कण-कण में व्याप्त भगवान शिव को जोधपुर के भक्तों ने कई अनूठे नाम दिए हैं। जैसे भोलेनाथ की महिमा वैसे भोले के नाम। कोई आशुतोष चंद्रमौली तो कोई शंकर पिनाकपानी या महादेव कहता है। हर नाम का आधार बना है भगवान शिव का गुण या विराजित स्थल। ऐसे ही कुछ अनूठे नाम वाले शंकर सूर्य नगरी में विराजित है। तार घर के पास भारतीय संचार निगम लिमिटेड के मुख्यालय प्रवेश द्वार के बाहर बने शिवालय को दूरसंचार कर्मियों ने दूरसंचारेश्वर नाम दिया है।

जोधपुर के भूतेश्वर वन खंड में स्थित हैं 300 साल पुराना शिवालय, हमेशा जागृत अवस्था में रहते हैं जागनाथ महादेव

प्रताप नगर स्थित बिजलीघर कार्यालय परिसर के अहाते में बने शिवालय को बिजली घर कर्मचारियों ने विद्युतेश्वर नाम दिया है । इसी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले फिल्टर हाउस के बाहर बने शिवालय की पहचान जलेश्वर महादेव के नाम से है । करीब पांच दशक पूर्व बसी प्रताप नगर कॉलोनी के प्रथम शिवालय का नाम भी क्षेत्र के आधार पर ही प्रतापेश्वर महादेव रखा गया है।

जोधपुर बसने से 340 साल पूर्व बना था वैद्यनाथ महादेव मंदिर, राजा के बेटे को यूं ठीक कर दिखाया था चमत्कार

रेलवे लोको कॉलोनी में भगवान महादेव को लोकेश्वर तो रेलवे वर्कशॉप के बाहर श्रमिकों की ओर से निर्मित श्रमिकेश्वर और गीता भवन के पास पीपल के नीचे पीपल के पेड़ के नीचे पीपलेश्वर रखा है। जालोरी बारी स्थित बड़ के पेड़ के नीचे विराजित महादेव बडलेश्वर और खबड़ा फालसा दूध के चोहटे पास विराजित शिव को दूधेश्वर कटला बाजार स्थित कुंज बिहारी मंदिर मंदिर में जमीन लेवल से 25 फुट नीचे गहराई में पातालेश्वर नाम दिया गया है।