
Dinosaurs in MP forests
गजेंद्र सिंह दहिया
जोधपुर। पृथ्वी के पूर्वी हिस्से से 6.5 करोड़ साल पहले डायनासोर सहित अन्य जीवों के विलुप्त होने का प्रमाण बाड़मेर बेसिन के फतेहगढ़ क्षेत्र में मिला है। इसके अनुसार, बाड़मेर रागेश्वरी ज्वालामुखी में क्रिस्टेशियस-टर्शियरी (केटी) बाउंड्री के समय भयंकर विस्फोट हुआ था, जिसकी राख पृथ्वी के 10 किलोमीटर ऊपर क्षोभमंडल तक चली गई। वायुमंडल का तापमान माइनस में होने से राख संघनित होकर कांच के 1 से 1.5 मीटर व्यास के गोलों में बदली गई।
इसके बाद में ये गोले पूरे महाद्वीप पर बरसे, जिससे पूर्वी हिस्से के 90 फीसदी जीव नष्ट हो गए। खोज जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) के भू-विज्ञान विभाग के प्रो. सुरेश माथुर और उनकी टीम के सदस्य डॉ. सोनल माथुर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. श्रीधर गौड़ और शोध छात्र सौरभ माथुर ने की है। शोध भारत की भू-विज्ञान की सबसे बड़ी पत्रिका जर्नल ऑफ जियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के जनवरी 2019 के अंक में प्रकाशित हुआ है।
6.5 करोड़ वर्ष पहले की घटना
3 किमी नीचे 7600 मीटर लावे का भंडार
बदल जाएगी अवधारणा
यह शोध पृथ्वी के पूर्वी भाग के लिए महत्वपूर्ण है। इससे कई भूवैज्ञानिक अवधारणाएं बदलेंगी। इससे दक्षिण बाड़मेर बेसिन और सांचोर बेसिन में तेल मिलने की संभावनाएं भी बलवती होंगी।
-प्रो. सुरेश माथुर, भू-विज्ञान विभाग, जेएनवीयू
मैक्सिको में मिले प्रमाण
केटी बाउंड्री के समय ही मैक्सिको में चिकलु नामक स्थान पर भारी उल्का पिंड गिरा था। इससे वहां 200 किलोमीटर बड़ा क्रेटर हो गया। इसमें धरती के पश्चिमी हिस्से के डायनासोर सहित अन्य जीव मारे गए। चिकलु में आयरन और इरिडयम के प्रमाण मिले थे। इरिडियम इंटरप्लेनेटरी धातु है, जो पृथ्वी पर नहीं पाया जाता है। इसकी खोज करने वाले वैज्ञानिक प्रो. एल्वारोज को नोबल पुरस्कार दिया गया। भारत, चीन, कोरिया और जापान जैसे देशों में 6.5 करोड़ पहले आयरन व इरिडियम के प्रमाण नहीं मिले हैं।
7,800 मीटर मोटी परत
शोध में पता चला है कि रागेश्वरी ज्वालामुखी में 6.5 करोड़ वर्ष पहले हुए भयंकर विस्फोट से बहुत लावा निकला था। बाड़मेर बेसिन में 3 किलोमीटर नीचे लावे की 7,800 मीटर मोटी परत है।
क्या है केटी बाउंड्री
कांच के गोले बरसने से समुद्र का तापमान बढ़ा, दूसरी तरफ प्रचंड वेग से राख वायुमंडल में होने से सूर्य की रोशनी के अभाव और ज्वालामुखी विस्फोट से उठी सुनामी में सभी जीव मारे गए थे।
Updated on:
15 Jan 2019 08:38 am
Published on:
15 Jan 2019 08:38 am
