11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पत्नी, छह बच्चों और माता-पिता को बेसहारा छोड़ने वाले का पता लगाएं-कोर्ट

-भरण पोषण नहीं दिया तो अवमानना कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा
2 min read
Google source verification
पत्नी, छह बच्चों और माता-पिता को बेसहारा छोड़ने वाले का पता लगाएं-कोर्ट

पत्नी, छह बच्चों और माता-पिता को बेसहारा छोड़ने वाले का पता लगाएं-कोर्ट

जोधपुर। छह बच्चों के पिता के एक दूसरी विवाहित महिला के साथ रहने और अपनी पत्नी व परिजनों को असहाय छोडऩे के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने जालोर जिले की सायला पुलिस को निर्देश दिए हैं कि परिजनों को बेसहारा छोडऩे वाले व्यक्ति को ढूंढक़र 20 अपै्रल को पारिवारिक न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। साथ ही उस व्यक्ति को सूचित किया जाए कि यदि उसने भरण पोषण संबंधी कोर्ट के पूर्ववर्ती आदेश की पालना नहीं की तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।
न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश फरजदं अली की खंडपीठ में जालोर निवासी एक पिता ने याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसकी विवाहित बेटी को ताराराम नाम के एक व्यक्ति ने अवैध रूप से निरुद्ध कर लिया है। पिछली सुनवाई के दौरान विवाहित बेटी और ताराराम मौजूद रहे। याची की बेटी का कहना था कि उसके ताराराम के साथ स्वैच्छिक संबंध हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया था कि ताराराम पहले से ही विवाहित है। उसके छह बच्चें हैं, जिनकी उम्र 1 वर्ष से 12 वर्ष के बीच है। ताराराम ने अपनी पत्नी, बच्चों के साथ-साथ अपने बूढ़े बीमार माता-पिता को भी त्याग दिया है। खंडपीठ ने जालोर के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव और सायला पुलिस थाने के थानाधिकारी को ताराराम की पत्नी को सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग करते हुए पारिवारिक अदालत में एक आवेदन दाखिल करने में समन्वय व सहायता करने के निर्देश दिए थे। एक अंतरिम राहत के रूप में कोर्ट ने कहा था कि आवेदन प्रस्तुत किए जाने के तुरंत बाद ताराराम को सायला पुलिस एक नोटिस देगी, जिस पर ताराराम को पारिवारिक अदालत के समक्ष एकमुश्त अंतरिम रखरखाव के रूप में 30 हजार रुपए की राशि जमा करवानी होगी। यदि ताराराम के पिता चाहें तो पुत्र से से भरण-पोषण की मांग के लिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत कार्यवाही शुरू कर सकते हैं। सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल जोशी ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट के अनुसार ताराराम लापता हो गया है और उसके ठिकाने का पता नहीं चल पाया है। इस पर कोर्ट ने ताराराम का पता लगाने और उसे पारिवारिक न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए।