
Rajasthan News: दिवाली के मौके पर एम्स जोधपुर में पहले आईवीएफ (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) शिशु का जन्म हुआ। इसकी घोषणा एम्स ने बुधवार को की। पहला शिशु लडक़ी है, जो लक्ष्मी के रूप में अपने माता-पिता को शादी के 12 साल बाद मिली है। एम्स में करीब डेढ़ महीने पहले 21 सितम्बर को ही असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) की सुविधा शुरू की गई है।
आईवीएफ एम्ब्रायो ट्रांसफर प्रक्रिया फरवरी 2024 में एम्स की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मनु गोयल ने की। गाइनी एचओडी डॉ. प्रतिभा सिंह ने सहयोग किया। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्थापित एम्स में यह पहला सफल आईवीएफ शिशु है।
एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी ने बताया कि एआरटी सुविधा निसंतान दम्पतियों के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव सेवाएं प्रदान करती है, जो निजी क्षेत्र में महंगी होती हैं। अब यह सुविधा पश्चिमी राजस्थान और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए किफायती मूल्य पर एम्स में उपलब्ध होनी शुरू हो गई है।
Updated on:
07 Nov 2024 10:34 am
Published on:
07 Nov 2024 10:34 am
