
फर्जी अभ्यर्थी बन परीक्षा देने वाले को बचाने की जुगत में आरोपी
जोधपुर.
कांस्टेबल भर्ती के लिए राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा में बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठे की जांच में पकड़े जाने वाला अभ्यर्थी लिखित परीक्षा दे चुके फर्जी अभ्यर्थी को बचाने में लगा है। उस युवक के बारे में वो सिर्फ नाम व तहसील के बारे में ही जानकारी दे रहा है। उस आधार पर पुलिस ने संबंधित जगह पर तस्दीक भी करवाई, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। एेसे में पुलिस ने गिरफ्त में चल रहे आरोपी की रिमाण्ड अवधित शनिवार को और बढ़वा ली।
थानाधिकारी आनंद सिंह सांखला ने बताया कि प्रकरण में देचू थानान्तर्गत गिलाकोर गांव में हरिसिंह नगर निवासी हीराराम विश्नोई रिमाण्ड पर है। दो दिन की रिमाण्ड अवधि खत्म होने पर जांच अधिकारी उप निरीक्षक सोमकरण ने उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे चार दिन के लिए और रिमाण्ड लिया गया।
अब तक की जांच व पूछताछ में आरोपी यह स्वीकार कर चुका है कि कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए उसका सेंटर कुचामन सिटी में नोबल सीनियर सैकण्डरी स्कूल में आया था, लेकिन उसकी जगह किसी अन्य ने लिखित परीक्षा दी थी। उस फर्जी अभ्यर्थी के बारे में उसका कहना है कि वो सांचौर का रहने वाला है। आरोपी ने उसका नाम भी बताया, लेकिन सांचौर में किस गांव या जगह का रहने वाला है इस बारे में वह अलग-अलग जानकारी दे रहा है। एेसे में पुलिस उस फर्जी अभ्यर्थी तक नहीं पहुंच पा रही है।
पुलिस का मानना है कि आरोपी हीराराम शातिर है। वह किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हुआ है। उससे पूछताछ कर उस गैंग तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि गत तेरह सितम्बर को जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में कांस्टेबल भर्ती के लिए चल रही शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा में बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठे की जांच में हीराराम विश्नोई के अंगूठे का मिलान नहीं हो पाया था। जांच में स्पष्ट हो गया था कि उसने कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन किया था, लेकिन लिखित परीक्षा में कोई और युवक बैठा था।
की रिमाण्ड अवधि शनिवार को बढ़ा दी गई है।
Updated on:
15 Sept 2018 07:31 pm
Published on:
15 Sept 2018 07:31 pm
