
कॉलेज में अब किताबों का दान
जोधपुर. प्रदेश के करीब ढाई सौ गवर्मेंट कॉलेजों में अब कम्यूनिटी लाइब्रेरी शुरू की जा रही है। इस लाइब्रेरी में आमजन भी पुस्तकें डोनेट कर सकेंगे। लाइब्रेरी का संचालन कॉलेज के टीचर के साथ स्टूडेंट्स की ओर से गठित कमेटी करेगी। ‘डोनेट ए बुक’ नाम से कैम्पेन शुरू किया गया है।कॉलेज आयुक्तालय के अनुसार इसमें अधिकांश पुस्तक नियमित पढाई से संबंधित ही होनी चाहिए ताकि जरुरतमंद हर बच्चे को पुस्तक उपलब्ध करवाई जा सकें। कोर्स से संबंधित पुस्तकें 3 वर्ष से अधिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें 2 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए ताकि विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रहे। यदि साहित्यिक पाण्डुलिपि श्रेणी की कोई पुस्तक दान में आती है तो उसके लिये कोई अवधि नहीं रखी गई है।
सबसे पहले जरुरतमंद छात्रों को इश्यू होगी बुक्स
इस लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तक उपलब्ध करवाने में भी प्राथमिकता रहेगी। सबसे पहले बीपीएल और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के छात्र-छात्राओं को पुस्तकें मिलेगी। इसके बाद महाविद्यालय में नियमित रुप से आने वाले विद्यार्थियों को और फिर पिछली परीक्षा (बोर्ड/विश्वविद्यालय) में उच्च श्रेणी प्राप्त मेरिटोरियस विद्यार्थियों को प्राथमिकता में रखा गया है। इसके उपरान्त यदि पुस्तके उपलब्ध होगी तो सभी अन्य विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा सकेगी। इस योजना के मासध्यम से विद्यार्थयों को लाइब्रेरी प्रबंधन, बुक-शेयरिंग स्टडी व को-ऑपरेटिव मॉडल से काम करने का प्रशिक्षण मिलेगा।
लाइब्रेरी का संचालन टीचर व स्टूडेंट्स करेंगे
लाइब्रेरी का संचालन कॉलेज में कार्यरत टीचर्स एक समिति के माध्यम से करेंगे, जिसमें 5 से 15 तक विद्यार्थियों को सह सदस्य बनाया जाएगा। योजना के संचालन के लिए गठित समिति के सदस्यों को पुस्तकों की आवक जावक की तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिये प्रशिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था कॉलेजों में संचालित लाइब्रेरी सुविधा से अलग रहेगी। इसमें प्रबंधन समिति में नामित विद्यार्थी का कार्यकाल अधिकतम 2 वर्ष रहेगा।
Published on:
12 Sept 2019 10:55 pm
