
जोधपुर . देश-विदेश में खास पहचान बना चुका जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग जीएसटी के बोझ और प्रतिकूल सरकारी नीतियों का शिकार हो गया है। जोधुपर से सर्वाधिक निर्यात हैण्डीक्राफ्ट फर्नीचर का होता है। इसपर 18 प्रतिशत तक जीएसटी का प्रावधान निर्यातकों के लिए असहनीय बोझ बन गया है।
रिफण्ड अटके, निर्यातकों की वर्र्किंग कैपिटल ब्लॉक
जोधपुर के निर्यातकों के करीब 500 करोड़ के जीएसटी रिफ ण्ड अटक गए हैं। इससे निर्यातकों की वर्र्किंग कैपिटल ब्लॉक हो गई है। इससे निर्यातक नए ऑर्डर बुक नही कर पा रहे।
घट गई कंटेनर्स की संख्या
जोधपुर से हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के प्रतिमाह करीब 2 हजार कंटेनर्स निर्यात किए जातेे है। लेकिन जीएसटी लगते ही इनकी संख्या घटनी शुरू हो गई। जीएसटी लागू होने के पहले दो माह, जुलाई में 900 व अगस्त में 750 कंटेनर्स ही निर्यात हुए। अब भी यही स्थिति बनी हुई है।
विदेशी बायर्स मुंह मोडऩे लगे
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन उपाध्यक्ष महावीर बागरेचा के अनुसार, चीन, वियतनाम, मलेशिया में निर्यात को टैक्स फ्री-जोन में रखा गया है। वहां की सरकारें निर्यातकों को स्पेशल छूट देती है। इस कारण एशिया महाद्वीप में निर्यात के क्षेत्र में भारत निरन्तर पिछड़ता जा रहा है। हैण्डीक्राफ्ट्स आइटम्स के मूल्यों में हुई बढ़ोतरी के बाद अधिकतर बायर्स यहां से मुंह मोड़ रहे हैं ।
पिछले 3 सालों में निर्यात स्थिति
वर्ष——— निर्यात करोड़ों में —- निर्यात कंटेनर्स में
2015-16 2000 27671
2016-17 1800 26791
2017-18 1500 23436