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बच्चों के लिए आए दूध की चाय से अतिथि सत्कार

कुछ स्कूलों में दूध के बर्तन बच्चों से साफ कराए गए। -अन्नपूर्णा दूध योजना का पहला दिन - कई जगह देर से पहुंचा दूध
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जोधपुर

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Yamuna Shankar Soni

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Updated: 2 Jul 2018, 9:17 PM IST

jodhpur

बच्चों के लिए आए दूध की चाय से अतिथि सत्कार

जोधपुर. प्रदेशभर में स्कूली बच्चों के लिए सोमवार से शुरू अन्नपूर्णा दूध योजना के पहले दिन स्कूलों में रोचक नजारे देखने को मिले। कई स्कूलों में समय पर दूध नहीं पहुंचा तो कई स्कूलों में दूध गर्म करने के इंतजाम नहीं थे। सरकार की ओर से दूध में चीनी डालने का बजट नहीं होने के कारण स्टाफ ने अपने पैसों से चीनी मंगवाई। दूसरी तरफ जिस विद्यालय में योजना की शुरुआत पर जिला स्तरीय आयोजन हुआ, वहां अतिथियों के लिए चाय बच्चों के लिए आए दूध से ही बनाई गई। कुछ स्कूलों में दूध के बर्तन बच्चों से साफ कराए गए। इस योजना के तहत सप्ताह में तीन दिन कक्षा 1 से 5 तक को 150 मिलिलीटर व कक्षा 6 से 8 को 200 मिलिलीटर दूध पिलाया जाएगा।

जोधपुर जिले में योजना की शुरुआत कुड़ी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गांधी स्ट्रीट में हुई। यहां जिला स्तरीय समारोह में अतिथियों ने बच्चों को दूध के साथ जलेबी भी खिलाई। स्कूल में पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में लूणी विधायक जोगाराम पटेल, सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास, महापौर घनश्याम ओझा, संभागीय आयुक्त ललितकुमार गुप्ता, जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर, कुडी भगतासनी सरपंच देवीसिंह सिसोदिया, डीडी माध्यमिक बंशीधर गुर्जर, डीडी प्रारंभिक श्याम सुन्दर सोलंकी, डीईओ प्रारंभिक द्वितीय ब्रह्मानंद शर्मा सहित कई अधिकारी, कर्मचारी व स्कूल स्टाफ मौजूद था।

डीईओ प्रारंभिक धर्मेन्द्र जोशी ने बताया कि योजना में जिले के 3574 विद्यालयों तथा मदरसों में 2 लाख 95 हजार 126 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।

अतिथियों के लिए बनाई चाय

कुछ समय पहले वाट्सएप पर शिक्षकों के मैसेज वायरल हो रहे थे कि उनके चाय का खर्च अन्नपूर्णा दूध योजना निकाल देगी। मजे की बात यह रही कि है कि गांधी स्ट्रीट विद्यालय में बच्चों के लिए आए सरस ब्रांड के दूध से ही विद्यालय स्टाफ ने चाय बना ली। यही चाय जिलास्तरीय कार्यक्रम में आए अतिथियों को पिलाई गई।

बच्चों से धुलवाए बर्तन

मंडोर स्थित मगजी की घाटी में दूध के बर्तन धोने का काम बच्चों से करवाया गया। यहां गैस सिलेंडर तक उपलब्ध नहीं था। गांधी स्ट्रीट स्कूल में बच्चे व स्टाफ दूध सर्व करते हुए दिखे। यहां गिलास भी साफ नहीं थे। मसूरिया नट बस्ती स्थित राजकीय श्रमिकपुरा स्कूल में एक ही हॉल में सभी कक्षाएं चल रही थी और वहीं दूध उबलता नजर आया। कई विद्यालयों में दूध समय से पहले पहुंच गया तो पुलिस चौकी व स्कूल के पास की दुकानों पर रखवाया गया। कुछ स्कूल में सरस की जगह बच्चों को अमूल ब्राण्ड का दूध पिलाया गया। डीईओ जोशी का कहना है कि पहला दिन होने के कारण इस तरह के हालात रहे।

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