
Gulab Sagar-Fateh will improve the condition of the ocean, will run again fountains
पत्रिका ने भी उठाया मुद्दा
- अमृत योजना की समीक्षा बैठक में महापौर ने दिए निर्देश
जोधपुर. अमृत योजना के तहत शहर में अब तक हुए विभिन्न कार्यों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा को लेकर महापौर घनश्याम ओझा ने निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में महापौर ओझा ने अमृत योजना के तहत अब तक प्राप्त राशि और खर्च राशि के बारे में जानकारी ली। लेखा शाखा को अगली बैठक में इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान महापौर घनश्याम ओझा ने अधिकारी को निर्देशित किया कि गुलाब सागर और फतेहसागर नहर के फव्वारों को चालू कर 1 साल की मेंटेनेंस करने के लिए पाबंद किया। गुलाब सागर और फतेह सागर नहर पर फव्वारे चालू करने के लिए 20 लाख की राशि स्वीकृत की गई। महापौर घनश्याम ओझा ने बैठक में गुलाब सागर बच्चा में उगी जलकुंभी को नाव के माध्यम से हटाने और नहर में आने वाले गंदे पानी के कनेक्शन को चिन्हित कर उन कनेक्शनों को काटने के लिए वार्ड प्रभारी को पाबंद करने के भी निर्देश दिए हैं।
महापौर ओझा ने बताया कि अमृत योजना के तहत शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम के अलग-अलग कार्य किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत प्राप्त राशि मे से करीब 35 करोड़ की राशि शेष बची है। इसके लिए नई डीपीआर तैयार करवाकर 15 फरवरी तक राज्य सरकार को भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं। ओझा ने बताया कि भाटी चौराहे से लेकर रातानाडा चौराहे तक सीवरेज लाइन डालने का कार्य किया जाना है, लेकिन इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से रोड कटिंग की स्वीकृति के लिए पत्र लिखा गया था जो अभी तक नहीं मिली है। इसके लिए एक्सईएन राहुल गुप्ता को पुन: पत्र लिखकर जल्द स्वीकृति लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत उन सभी पात्र अभ्यर्थियों को जिन्होंने टॉयलेट निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है उन्हें टॉयलेट निर्माण की अंतिम किस्त जारी करने और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 36 ऑटो टिपर और तीन सीवर जेट मशीन खरीदने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य अभियंता सुमनेश माथुर, एसई संपत मेघवाल, सुधीर माथुर उपस्थित थे।
जोधपुर. गुलाब सागर की बदहाली का मुद्दा राजस्थान पत्रिका ने भी 21 जनवरी के अंक में उठाया था। पत्रिका ने ‘गुलाब सागर: जिसने बनाया मुझे खूबसूरत, अब वे ही बिगाड़ रहे मेरी सूरत’ शीर्षक से फोटो स्टोरी प्रकाशित की थी। फोटो स्टोरी में बताया कि गुलाब सागर के हालात बदतर हैं। यहां कचरा डाला जा रहा है। गुलाब सागर का बच्चा सागर पूरी तरह से जलकुंभी से अट गया है। अब निगम ने इस तालाब की सुधारने की सुध ली है।
Published on:
29 Jan 2019 01:35 am
