
जोधपुर में बन रहा इनोवेशन हब। फोटो: पत्रिका
जोधपुर। राजस्थान सरकार की बजट घोषणा से जन्मा इनोवेशन हब प्रोजेक्ट जयपुर और कोटा में तो जमीन पर नहीं उतर सका, लेकिन जोधपुर में यह 200 करोड़ की लागत से आकार ले चुका है। हैदराबाद के टी-हब और बेंगलुरु की स्टार्टअप संस्कृति से प्रेरित यह हब अब अंतिम चरण में है।
खास बात यह है कि पूरा होने से पहले ही यहां स्थान पाने की होड़ शुरू हो चुकी है। इस हब को एआइ और डिजिटल इनोवेशन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। फिलहाल, इसके आवंटन और इंटीरियर स्वरूप को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जोधपुर को एक नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
जयपुर, कोटा और जोधपुर में एक-एक इनोवेशन हब विकसित किया जाना है। जयपुर में पहले से दो स्टार्टअप व को-वर्किंग स्पेस सक्रिय हैं, लेकिन प्रस्तावित हब को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना था। कोटा में भी योजना बनी, लेकिन वास्तविक निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी।
यह हब नेशनल और ग्लोबल कंपनियों के लिए सोर्सिंग सेंटर बन सकता है। छोटे स्टार्टअप्स से लेकर बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि एक ही छत के नीचे काम कर सकेंगे। यहां नेटवर्किंग, मेंटरशिप और एक्सपोजर के साथ-साथ इंटरनेशनल लेवल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
कई बड़ी कंपनियां अब टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में इकोसिस्टम, इनोवेशन और टैलेंट तलाश रही हैं। ऐसे में जोधपुर जैसे शहरों में इनोवेशन हब का बनना बेहद जरूरी है। इससे न केवल प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा, बल्कि मेट्रो शहरों की तर्ज पर विकास भी संभव होगा। हम नेशनल लेवल के बिजनेस स्कूल और संस्थानों से टाइ-अप कर यहां की प्रतिभा को ग्लोबल प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकते हैं।
-रौनक सिंघवी, मेंटर, आइ स्टार्ट इंक्युबेशन सेंटर
Updated on:
02 Nov 2025 07:48 am
Published on:
02 Nov 2025 07:48 am
