
छात्रों के भविष्य को जोखिम में रखने पर पांच लाख जमा करवाने के निर्देश
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने छात्रों के भविष्य को जोखिम में रखने के मामले में एक याचिकाकर्ता संस्थान को 23 नवंबर तक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में 5 लाख रुपए जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। छात्र हित में कोर्ट ने नेशनल कौंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग मैनेजमेंट इंफोर्मेशन सिस्टम पोर्टल पर संस्थान को तत्काल संबद्ध सूची में शामिल करने को कहा है, ताकि पोर्टल पर छात्रों का डेटा अपलोड किया जा सके।
न्यायाधीश विजय बिश्नोई की एकलपीठ में याचिकाकर्ता गणपति प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बीबी मेमोरियल कल्याण संस्थान की ओर से अधिवक्ता महावीर बिश्नोई ने कहा कि पोर्टल खुला रहने की अंतिम तिथि शनिवार ही है। यदि याची संस्थान को संबद्धता देते हुए पोर्टल पर छात्रों का डेटा अपलोड करने की अनुमति नहीं दी गई तो करीब 120 छात्र इस सत्र में परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में आया कि अक्टूबर, 2020 के प्रारंभ से ही पोर्टल पर याची संस्थान की असंबद्धता दर्शाई जा रही थी, लेकिन याचिकाकर्ता ने अंतिम तिथि से तीन दिन पहले 18 नवंबर को कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एकलपीठ ने कहा कि प्रतिवादियों से उत्तर प्राप्त करते हुए स्थिति स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा। यदि कोर्ट जवाब की अपेक्षा करता है और अंतरिम राहत नहीं देता है तो संस्थान के छात्रों के साथ न्याय नहीं होगा। कोर्ट ने संस्थान की इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए 5 लाख रुपए प्राधिकरण में जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष व्यास ने पैरवी की।
Updated on:
21 Nov 2020 07:18 pm
Published on:
21 Nov 2020 07:18 pm
