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Jeera Bhav: कृषि मंडी में दिखा भारत-पाकिस्तान तनाव का बड़ा असर, जीरे के भाव में भारी गिरावट, जानिए कीमत

Jeera Aaj ka Bhav: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद ऊंझा मंडी के प्रमुख व्यापारियों की ओर से बिलाड़ा सहित विभिन्न मंडियों से खरीदारी नहीं होने से भावों में गिरावट आई है।

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Jeera mandi bhav

Jeera Bhav Today: भारत-पाक तनाव का असर जोधपुर की बिलाड़ा कृषि मंडी पर नजर आने लगा है। विशेषकर निर्यात-उन्मुख फसलें जैसे जीरा और सौंफ की आवक और किसानों से खरीद में गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात आदेशों में ठहराव के कारण किसानों से इन जिंसों की खरीद घट गई है।

जीरे के भाव में 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है। इसी तरह सौंफ की कीमतें भी पिछले सप्ताह के मुकाबले 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे आई हैं। मंडी व्यापारियों का कहना है कि विदेशी खरीदारों की ओर से नए ऑर्डर मिलने में देरी हो रही है, जिससे लोकल खरीदार भी सतर्क हो गए हैं।

निर्यात नहीं होने से भावों में भारी गिरावट

तनाव के कारण निर्यात नहीं होने से गुजरात के ऊंझा मंडी के व्यापारियों ने उपज की खरीदारी कम कर दी है। ऊंझा मंडी के प्रमुख व्यापारियों की ओर से बिलाड़ा सहित विभिन्न मंडियों से खरीदारी नहीं होने से भावों में गिरावट आई है। मंडी व्यापारी रामचंद्र कुमावत ने बताया कि कृषि उपज मंडी में जीरा 4 हजार प्रति क्विंटल व सौंफ 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल सस्ती हुई है।

अस्सी प्रतिशत आवक घटी

मंडी में मई माह में रोजाना जीरा व सौंफ सहित अन्य कृषि जिंस की आवक लगभग 1000 बोरी होती रही है, लेकिन मौजूदा हालात के बाद मंडी में लगभग 200 बोरी ही माल आ रहा है। ऊंझा मंडी से खरीदारी नहीं हो रही। बिलाड़ा कृषि उपज मंडी मई में कृषि जिंसों से गुलजार रहती है और इन दिनों तनाव के कारण किसान माल को लेकर मंडी नहीं आ रहे हैं। ऐसे में तनाव का असर निर्यात पर भी पड़ा है। कृषि उपज के भाव में भारी गिरावट आने से किसान अपना माल बेचने के लिए मंडी नहीं पहुंच रहे हैं।

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किसान केवल फोन पर व्यापारियों से कृषि उपज के भाव पूछ रहे हैं। मंडी के व्यापारियों ने बताया कि मई माह में बिलाड़ा जैतारण, सोजत, पीपाड़, रायपुर सहित विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज बेचने के लिए अपने वाहनों से मंडी आते थे और मंडी परिसर में मेले सा माहौल रहता था, लेकिन इन दिनों मंडी में न तो किसान नजर आ रहे और न ही उपज की आवक हो रही है। भाव बढ़ने के इंतजार में किसान अपनी उपज का घरों में ही स्टाक कर रहे हैं।

बता दें कि मंडी में इस वक्त जीरा 18000 से 21500 रुपए, सौंफ पुरानी 6000 से 9500 रुपए, सौंफ नई (मीडियम) 7000 से 12000, सौंफ नई (बेस्ट) 14000 से 18000 रुपए और सौंफ नई (एस्ट्रा बोल्ड) 20000 से 24000 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है।

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आमतौर पर देश के विभिन्न राज्यों के व्यापारी अप्रेल-मई में निर्यात के लिए जीरा और सौंफ की भारी खरीद करते हैं, लेकिन इस बार अस्थिरता के कारण जोखिम नहीं ले रहे।
महावीर चंद भण्डारी, अध्यक्ष कृषि उपज मंडी

फसल तैयार है, लेकिन मंडी में कृषि जिंस के उचित दाम नहीं मिल पा रहे। इस कारण किसान भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश किसान घरों में ही स्टॉक कर रख रहे हैं।
बाबूलाल राठौड़, प्रगतिशील किसान, बिलाड़ा

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