10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जोधपुर के पब्लिक पार्क सरदार म्यूजियम में है नायाब कलक्शन

अगर आप घूमने फिरने के शौकीन हैं तो एक बार जोधपुर का पब्लिक पार्क सरदार म्यूजियम जरूर देखें।
2 min read
Google source verification

जोधपुर

image

MI Zahir

Jul 09, 2018

sardar museum jodhpur

sardar museum jodhpur

जोधपुर. जोधपुर का पब्लिक पार्क कई मायनों में खास है। शहर और पर्यटकों की पहुंच में है यह पर्यटन स्थल। यह रेलवे स्टेशन और बस अड्डे दोनों जगह से पास पड़ता है। इस पार्क में इतना बड़ा म्यूजियम है कि आप खूबसूरत और नायाब चीजें देखते ही रह जाएं। आइए जानें इसकी रोचक कहानी :

लॉर्ड किचनर के जोधपुर आने पर हुआ था निर्माण
अतीत के झरोखे बताते हैं कि पब्लिक पार्क के सरदार म्यूजियम की लॉर्ड किचनर के जोधपुर आने पर सन 1909 में आयोजित मारवाड़ शिल्प कला प्रदर्शनी के समय स्थापना हुई थी। यह संग्रहालय भी पहले सोजती गेट के बाहर था। वहां से पहले राई का बाग स्थित एक इमारत में और बाद में सूरसागर ले जाया गया था। कालांतर में भारत सरकार ने 1916 में इसे मान्यता दी। यह संग्रहालय सन 1921 में दरबार स्कूल भवन और 1936 में पब्लिक पार्क स्थित इमारत में शिफ्ट किया गया था। इस म्यूजियम को जुलाई-अगस्त २०१७ में तब नई जिंदगी मिल गई, जब इसे सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी की इमारत भी मिल गई और इस इमारत को नायाब वस्तुएं रखने के लिए अच्छी जगह मिल गई।

सातवीं और आठवीं सदी की अद्वितीय चीजें
अब यह एक बड़ा राजकीय संग्रहालय है। खासियत यह है कि इस म्यूजियम में मारवाड़ की प्राचीन राजधानी मंडोर के उपवन की खुदाई के समय भूगर्भ से मिली सातवीं और आठवीं शताब्दी की गोलाकार चांदी की 30 छोटी छोटी मुद्राएं भी सुरक्षित हैं। इसमें 650 से 1100 ईस्वीं तक के सिक्के सुरक्षित हैं। म्यूजियम के कलक्शन में सांभर के नमक से निर्मित सौ बरस पुराने सुराही, कप, प्लेट,कटोरे, जाम व गिलास आदि भी दर्शनीय हैं। इतिहासकार प्रो. विनीता परिहार के अनुसार आधुनिक जोधपुर के निर्माता महाराजा उम्मेदसिंह ने बहुत सोच समझ कर शहर को सैर सपाटे के लिए उस समय उम्मेद उद्यान के रूप में एक खुली जगह दी थी। यह उनकी व्यापक सोच का ही परिणाम था।