29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Air Pollution: पटाखों से जोधपुर में दिवाली पर भयंकर वायु प्रदूषण, आधी रात AQI 500 पहुंचा

Diwali 2025: हवा में भयंकर वायु प्रदूषण के कारण रात को रोशनी देखने निकलने लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हालांकि सुबह होते होते एक्यूआइ फिर से 150 के स्तर पर आ जाने से कुछ राहत मिली।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Rakesh Mishra

•

Updated: 22 Oct 2025, 4:16 PM IST

air pollution in jodhpur

दिवाली पर जोधपुर में आतिशबाजी। फोटो- पत्रिका

जोधपुर में सोमवार रात दिवाली पर भयंकर वायु प्रदूषण रहा। शहर के अधिकांश हिस्सों में रात 11 बजे से लेकर मंगलवार सुबह 4 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआइ 500 पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक ही एक्यूआइ मापता है, उससे एक्यूआइ अधिक होने पर यह मापन नहीं करता है। ऐसे में पटाखों की वजह से रात को जाखिम स्तर तक प्रदूषित रही।

कलक्ट्रेट रोड पर रात 11 बजे से लेकर सुबह चार बजे तक, डिगाड़ी क्षेत्र में अलसुबह तीन बजे तक, झालामण्ड क्षेत्र रात 12 से रात दो बजे तक, मण्डोर क्षेत्र में रात एक बजे से रात दो बजे तक और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित अशोक उद्यान के पास रात 10 बजे से लेकर सुबह चार बजे एक्यूआइ 500 रहा।

सांस लेने में दिक्कत

हवा में भयंकर वायु प्रदूषण के कारण रात को रोशनी देखने निकलने लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हालांकि सुबह होते होते एक्यूआइ फिर से 150 के स्तर पर आ जाने से कुछ राहत मिली। दिवाली पर्व गुरुवार तक है। ऐसे में अगले सप्ताह ही सांस लेने के लिए ठीकठाक वायु की उम्मीद कर सकते हैं।

पटाखों से सर्वाधिक निकले पीएम 2.5 कण

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से वायु की गुणवत्ता के लिए छह प्रदूषक का मापन करता है। इसमें हवा के महीन कण यानी पार्टिकुलर मैटर पीएम 10, पीएम 2.5, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन शामिल है। जोधपुर सहित अधिकांश स्थानों पर पीएम 10 और पीएम 2.5 कणों का ही प्रदूषण होता है।

यह वीडियो भी देखें

पीएम कणों में धूल कण, कार्बन कण, जल वाष्प, गाड़ियों से निकलने वाले अपशिष्ट के बारीक गण, कुछ गैसें शामिल होती है, जिसके कण 2.5 माइक्रोन से लेकर 10 माइक्रोन तक छोटे होते हैं। बीते 24 घंटे में सर्वाधिक प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 था यानी पटाखे फोड़े जाने से हवा में बहुत ही सूक्ष्म कण विसरित हो गए। ये कण श्वास के जरिए फैफड़ों के अंदर जाकर अस्थमा, सीओपीडी जैसे रोग पैदा कर देते हैं।