10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

20 साल के श्रवण को नहीं पता था कि ये उसकी जिंदगी की होगी आखिरी रेस, 4 घंटे बाद मिली लाश

बनाड़ खोखरिया निवासी श्रवण पुत्र बुद्धाराम (20) अपने दो दोस्तों के साथ महामंदिर धानमंडी के पास आए झालरे में तैराकी के लिए पहुंचा था
less than 1 minute read
Google source verification
drowning_in_pond.jpg

जोधपुर। महामंदिर दूसरी पोल के पास स्थित प्राचीन झालरे में अपने दोस्तों के साथ तैराकी रेस करना एक युवक को भारी पड़ गया। उसके दो दोस्त रेसिंग की शर्त में झालरे के मध्य लगे पोल को तैरकर आगे निकल गए, लेकिन एक युवक पीछे झाड़ियों में फंस कर डूब गया। सूचना पर पुलिस, सिविल डिफेंस, एसडीआरएम की टीमें मौके पर पहुंची और चार घंटे बाद रात 9 बजे शव निकाला। शव मोर्चरी में रखवाया गया है।

यह भी पढ़ें- मानसून से पहले ही चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने कर दिया ऐसा बड़ा कमाल, देखें अब तक की सबसे अपडेट रिपोर्ट

बनाड़ खोखरिया निवासी श्रवण पुत्र बुद्धाराम (20) अपने दो दोस्तों के साथ महामंदिर धानमंडी के पास आए झालरे में तैराकी के लिए पहुंचा। तीनों दोस्तों ने यहां तैराकी शुरू की। कुछ देर बाद तीनों ने झालरे के मध्य स्थित पोल को पार करने के लिए रेस लगाई। दो दोस्त तेजी से आगे निकल गए। संभवत: श्रवण का पैर पानी के नीचे किसी वस्तु से अटक गया और वह डूबने लगा। दोस्तों को जब तक पता चलता, श्रवण पानी के अंदर डूब गया। घबराए दोस्त वहां से रवाना हुए और परिजनों व पुलिस को सूचित किया। झालरे में डूबने की सूचना से मौके पर भीड़ जमा हो गई।

यह भी पढ़ें- Bhoongara Tragedy : दो बेटियों की हुई थी मौत, लेकिन एक गलती से किसी और के खाते में चल गए आर्थिक मदद के 18 लाख रुपए

महामंदिर थानाधिकारी मुक्ता पारीक मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने खोजबीन का प्रयास किया, लेकिन काफी समय तक उन्हें सफलता नहीं मिली। आखिर गोताखार भरत चौधरी और एमटीओ भरत बाद में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर गहराई में उतरे तब कहीं जाकर श्रवण का शव मिल सका।