
केरल बाढ़ से बच गए लेकिन घर आने का रास्ता आसान नहीं हुआ
जोधपुर.
जोधपुर के 2 युवक समैत राजस्थान के 15 युवकों को रेस्क्यू कर राहत शिविर में ठहराया गया था। लेकिन युवकों के लिए अब भी घर आने का रास्ता आसान नहीं हुआ है। बाढ़ के कारण एर्नाकुलम से सड़क और रेल मार्ग बंद हो रखे हैं। दोनों मार्ग खुलने में करीब एक हफ्ता लग जाएगा। इधर युवकों के परिजनों ने प्रशासन से युवकों को एयरफोर्स से घर लाने की गुहार लगाई है।
जिस कंपनी में युवक काम करते थे उसके मालिक ने अपने परिवार वालों से पहले युवकों को बचाया
केरल के एर्नाकुलम में चार दिन से बाढ़ में फंसे राजस्थान के 15 युवकों को शनिवार को रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्कयू करने के महज 5 घंटे बाद डैम से पानी छोडऩे के बाद वहां पानी का स्तर और बढ़ गया। राहत शिविर में ठहरे युवकों को हवाई मार्ग से राजस्थान लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जोधपुर के निंबा निंबड़ी में रहने वाले राजू सिंह ने बताया कि उसके सहित राजस्थान के 15 युवक एरनाकुलम में शहनवाज की चटाई बनाने की फैक्ट्री में काम करते हैं। फैक्ट्री मालिक शहनवाज उनके घर से आधा किलोमीटर दूर परिवार के साथ रहते है। शनिवार को पानी का स्तर कम होने पर शहनवाज स्थानीय लोगों की मदद से एक ट्रक लेकर आए। उन्होंने पहले हमें, फिर अपने परिवार को निकाला। रेस्क्यू के बाद डैम से पानी छोडऩे के बाद फिर से आई बाढ़ में शहनवाज का घर डूब गया।
जोधपुर की सेना के बाद एसडीआरएफ की टीम भी केरल गई
सेना के बाद अब राजस्थान पुलिस की एसडीआरएफ की दो टुकडिय़ों को भी केरल में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया है। एसडीआरएफ की एक टुकड़ी जयपुर और दूसरी टुकड़ी जोधपुर से वायुसेना के विशेष विमान से केरल पहुंची और राहत कार्य में जुट गई।
जयपुर से 17 व जोधपुर से 9 जवान वायुसेना के विमान से केरल पहुंचे
जयपुर स्थित एसडीआरएफ के कमाण्डेंट हिम्मत अभिलाष टाक ने बताया कि जयपुर की टुकड़ी में कम्पनी कमाण्डर के नेतृत्व में एक प्लाटून कमाण्डर, एक हैड कांस्टेबल और चौदह कांस्टेबल और जोधपुर की टुकड़ी में एक प्लाटून कमाण्डर, एक हैड कांस्टेबल व सात कांस्टेबल शामिल हैं। दोनों टुकडिय़ों के अधिकारी व जवान रेस्क्यू के सभी उपकरणों से लैस हैं
Published on:
19 Aug 2018 11:39 pm
