
जैसलमेर में टिड्डी पर सर्वाधिक पेस्टीसाइड स्प्रे
जोधपुर. प्रदेश के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर में टिड्डी का प्रकोप बना हुआ है। जैसलमेर और बीकानेर में टिड्डी से सर्वाधिक जूझना पड़ रहा है। जोधपुर स्थित देश के टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्ल्यूओ)की ओर से पिछले चार महीनों में 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी पर मैलाथिन पेस्टीसाइड का छिडक़ाव किया गया है। 21 मई से शुरू हुआ टिड्डी पर हमला अब तक जारी है। अब तक अरबों टिड्डी खाक की जा चुकी है। एलडब्ल्यूओ की 45 टीमें लगातार बगैर थके टिड्डियों पर स्प्रे कर रही है। सर्वाधिक पेस्टीसाइड स्प्रे जैसलमेर में हुआ है, जहां 75 हजार लीटर मैलाथिन समाप्त हो चुका है। भारत में केवल मुंबई स्थित हिंदुस्तान इंसेक्टीसाइड लिमिटेड (एचआईएल) में मैलाथिन उत्पादन किया जा रहा है। अब तक 1.25 लाख लीटर मैलाथिन खत्म हो चुका है। एचआईएल में लगातार मैलाथिन उत्पादित किया जा रहा है। हर दो तीन दिन में एक ट्रक जोधपुर आ रहा है। एलडब्ल्यूओ के उप निदेशक डॉ. केएल गुर्जर का कहना है कि अगर टिड्डी का नया दल नहीं आता है तो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में इस पर काबू पा लिया जाएगा।
21 मई से अब तक टिड्डी नियंत्रण
जिला --------- इतने क्षेत्र में स्प्रे ------क्षेत्र उपचारित---------पेस्टीसाइड
जैलसमेर ---------1577 --------- 103608 ---------75567
बाड़मेर --------- 485 ---------14078 ---------10719
बीकानेर ---------787 ---------43002 ---------29948
जोधपुर ---------177 ---------7718 ---------7554
जालोर ---------16 ---------480 ---------420
चूरू --------- 11 --------- 500 ---------345
श्रीगंगानगर ---------14 ---------330 ---------330
हनुमानगढ़ ---------2 ---------42 ---------31
बनासकांठा ---------45 ---------899 ---------683
भुज ---------1 --------- 5 ---------5
टिड्डी
- 26 साल बाद दो राज्यों राजस्थान व गुजरात में आई है टिड्डी
- 170662 हेक्टेयर में अब तक पेस्टीसाइड स्प्रे
- 125602 लीटर मैलाथिन पेस्टीसाइड उपयोग हुआ
- 80000 लीटर मैलाथिन वयस्क टिड्डी के लिए
- 45000 लीटर मैलाथिन हॉपर्स के लिए
- 430000 हेक्टेयर में अब तक हो चुका है टिड्डी सर्वे
Published on:
25 Sept 2019 11:55 pm
