
Lok Sabha election 2024 : भारतीय जनता पार्टी ने मारवाड़ की सभी सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं। पांच में से तीन सीटों पर टिकट रिपीट किए गए हैं। नागौर सीट जो कि पिछली बार आरएलपी के लिए भाजपा ने छोड़ दी थी, इस बार ज्योति मिर्धा को यहां से उतारा है। जालोर-सिरोही लोकसभा का टिकट भी बदला गया है। यहां से देवजी पटेल जो कि विधानसभा चुनाव हार गए थे, उनका टिकट कटा है और लुम्बाराम चौधरी को मौका दिया गया है।
वहीं केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत लगातार तीसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। पहली बार 2014 में जब उनका नाम आया तो चौंकाने वाला था। इसके बाद जब दूसरी बार चुनाव लड़े तो मुख्यमत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराकर लोकसभा पहुंचे। राजपूत समाज के नेता होने के साथ वे मोदी-शाह की गुड बुक में भी हैं। इसके अलावा जातिगत समीकरण के लिहाज से भी टिकट रिपीट है। कई बड़े काम भी इनके खाते में आए हैं। एक बड़े मंत्रालय का पोर्टफोलियो भी इनके पास है।
बाड़मेर: चौधरी पर फिर भरोसा
बाड़मेर में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी को रिपीट किया गया है। कैलाश चौधरी इससे पहले 2019 में जीत कर संसद पहुंचे। हालांकि इससे पहले 2018 में वे विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद वह सांसद का टिकट लेकर आए। उनकी संघ व मोदी-शाह की नजर में पकड़ अच्छी है।
बिश्नोई बोले... इसलिए चुप रहते हैं
भाजपा की ओर से टिकटों की घोषणा होने के बाद जोधपुर से पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह बिश्नोई की पीड़ा उजागर हो गई। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कौन सुनेगा, किसको सुनाएं। इसलिए चुप रहते हैं, हमसे अपने ना रूठ जाएं, इसलिए चुप रहते हैं। गौरतलब है कि टिकट के दावेदारों में पूर्व सांसद भी एक प्रमुख चेहरा थे और उनके इस ट््वीट को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है। इससे पहले शनिवार सुबह भी उन्होंने अपने एक्स हैंडल से कई शायरियां पोस्ट की थी। बिश्नोई इससे पहले 1999 से 2009 तक जोधपुर के सांसद रहे हैं।
नागौर : भाजपा ने उतारा ज्योति मिर्धा को
नागौर सीट पिछली बार भाजपा ने गठबंधन के तहत रालोपा के लिए छोड़ दी थी। यहां से हनुमान बेनीवाल जीत कर संसद पहुंचे थे। अब कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई ज्योति मिर्धा को मौका दिया है।
पाली में तीसरी बार चौधरी
पीपी चौधरी तमाम अटकलों के बीच तीसरी बार लगातार टिकट लाने में सफल हुए हैं। पहले कार्यकाल में राज्य मंत्री भी बने थे। 2014 में पहली बार चौंकाने का वाला चेहरा थे और वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में पहचाने जाते थे। लेकिन मोदी-शाह ने फिर इन पर भरोसा जताया है।
जालोर में लुम्बाराम चौधरी को मौका
यहां भाजपा ने देवजी पटेल का टिकट काट दिया है। उन्हें सांचौर से विधानसभा का टिकट दिया गया था, लेकिन वे चुनाव हार गए। अब उनके स्थान पर लुम्बाराम चौधरी को मौका दिया है। 59 साल के लुम्बाराम पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वे सिरोही से पार्टी के जिलाध्यक्ष, प्रधान, मंडल अध्यक्ष और बूथ अध्यक्ष भी रहे हैं।
Published on:
03 Mar 2024 09:12 am
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