
जयप्रकाश सिंह
Lok Sabha Election 2024: मारवाड़ की राजनीति के गढ़ जोधपुर में इस बार चुनावी पारा बहुत हाई है। यहां भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जहां नरेन्द्र मोदी सरकार के काम और हिन्दुत्व के सहारे जीत की हैट्रिक की लगाने की आस लगाए हैं, वहीं कांग्रेस से पहली बार चुनाव लड़ रहे करण सिंह उचियारड़ा उनसे जोधपुर के लिए पिछले दस साल में किए कार्यों का हिसाब मांग रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गजेन्द्र सिंह शेखावत लम्बे समय से एक-दूसरे पर हमला करते रहे हैं, लेकिन इस बार बेटे वैभव गहलोत के लिए अशोक गहलोत के जोधपुर की बजाय जालोर-सिरोही में सक्रिय होने से जोधपुर का माहौल फीका सा लग रहा है।
इस बार जोधपुर से दूर हैं गहलोत
हालांकि गहलोत जोधपुर से दूर हैं, लेकिन क्षेत्र की राजनीति में उनकी मौजूदगी का अहसास हर मोड़ पर है। मतदाताओं का मिजाज जानने के लिए मैं कोटा से जोधपुर पहुंचा। यहां गर्मी के साथ ही चुनावी रंगत भी जोर पकड़ रही है। चढ़ते पारे से लग रहा है कि इस बार यहां जातिगत समीकरण और वोटों का ध्रुवीकरण निर्णायक होगा। दोनों ही दलों को अंदरखाने नुकसान का डर भी है। टिकट की घोषणा के साथ ही भाजपा में पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई की नाराजगी जगजाहिर हुई थी तो प्रदेश कांग्रेस की परंपरागत खेमेबंदी भले ही ऊपरी तौर पर शांत दिख रही है, पर अंदर ही अंदर खाई से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस प्रत्याशी उचियारड़ा को पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट का नजदीकी माना जाता है।
मतदाता फिलहाल मौन
शहरी और ग्रामीण दोनों ही इलाकों के मिजाज में अंतर दिखाई दिया। गांव में मतदाता जाति और क्षेत्रीय समीकरणों पर लामबंद नजर आए तो शहर में केंद्रीय मुद्दों का बोलबाला दिखा। बाड़मेर रोड पर डीपीएस चौराहे पर चाय की दुकान पर बैठे कानाराम का कहना था कि इस बार यहां चुनाव में मुद्दा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्य और राम मंदिर का निर्माण है। इसी को लेकर भाजपा मतदाताओं के पास जा रही है। अणदाराम चौधरी और तुलसीराम बोले कि इस बार मतदाता किस ओर करवट बैठेंगे, कहा नहीं जा सकता। वह फिलहाल मौन है। मतदाताओं में नाराजगी भी है। भांडू चौराहे पर दोस्तों के साथ बैठे किसान भिंयाराम का कहना था कि क्षेत्र में बरसों से पानी की समस्या है, लेकिन उसका आज तक समाधान नहीं हुआ। सिंचाई तो छोड़िए, पीने का लिए पानी भी मुश्किल से मिल रहा है।
पानी है बड़ी समस्या
चोखा गांव चौराहे पर बैठे भंवरलाल विश्नोई ने भी क्षेत्र में पानी की समस्या बताई। उनका कहना था कि 600 रुपए में पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। आगोलाई बस स्टैण्ड पर बालाराम का कहना था कि क्षेत्र में पानी की टंकियां तो बना दी गई, लेकिन वे सब सूखी पड़ी हैं। फिदूसर चौपड़ पर बैठे संतोष परिहार, दिनेश सांखला, भूपेन्द्र सिंह सोलंकी चुनाव की चर्चा चलते ही एक साथ बोल पड़े। इस बार यहां मुकाबला रोचक है। क्षेत्र में विकास कार्य का मुद्दा छाया हुआ है। घंटाघर में व्यवसायी ऋषभ जैन का कहना था कि चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर राष्ट्रीय मुद्दे हावी हैं।
आठ में सात सीटों पर भाजपा
पिछले विधानसभा चुनाव में जोधपुर लोकसभा क्षेत्र की आठ में से सात सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। यहां कांग्रेस से सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ही सरदारपुरा सीट पर जीत हासिल कर पाए। कहने का मतलब कांग्रेस के एक मात्र विधायक गहलोत ही हैं और वो भी जोधपुर से दूर। ऐसे में माली बहुल सरदारपुरा सीट बता देगी कि गहलोत ने उचियारड़ा की कितनी मदद की।
क्षेत्र के 5 बड़े मुद्दे
पेयजल- आज भी कई ग्रामीण इलाकों में पानी का संकट है। जमीन में खारा पानी है। घरों में पानी के टैंकर डलवाए जा रहे है। पेयजल समस्या के लिए दोनों दल एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराते हैं।
पर्यटन- आज भी जोधपुर शहर में पर्यटक सिर्फ एक रात ही रुक पाते हैं। यहां पर्यटकों के आकर्षण की चीजें सिर्फ कागजों में रह गई।
प्रदूषण- लूणी विधानसभा क्षेत्र में यह समस्या कई साल से है। हर बार इस समस्या के स्थाई समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक नहीं हो पाया।
बदहाल सड़क- यह हर विधानसभा क्षेत्र की समस्या है। गांवों में सड़कों की हालत खस्ता है।
एलिवेटेड रोड- कई साल से यह घोषणाओं में चल रही है। यह शहर के तीनों विधानसभा क्षेत्र की यातायात समस्या का समाधान है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वार
क्षेत्र में सोशल मीडिया पर भी चुनावी वार जोरों पर है। दोनों ही दलों के नेताओं के एक दूसरे के खिलाफ विवादित बयान जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसके जरिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है।
Published on:
12 Apr 2024 01:20 pm
बड़ी खबरें
View Allजोधपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
