
ब्लड जांच के लिए कर्मचारी को नींद से जगाना पड़ा भारी, जांच रिपोर्ट देखकर चौंक गए परिजन
जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल के ब्लड कलेक्शन सेंटर में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां रक्त जांच करवाने गए मरीजों को एक ही ऑनलाइन नंबर लगा दिया। सुबह जब परिजन भर्ती मरीज की ब्लड रिपोर्ट लेने पहुंचे तो इसका पता चला। मथुरादास माथुर अस्पताल में बुधवार देर रात इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दो मरीज एक साथ ब्लड सेंपल की जांच करवाने कलेक्शन सेंटर पहुंचे। वहां पर गहरी नींद में सो रहे कर्मचारी को जगाकर उसे सेंपल दिया। लेकिन उसने नींद में दोनों मरीजों को एक ही ऑनलाइन नंबर लगा दिए। सुबह जब परिजन जांच रिपोर्ट लेने गए तो इसका पता चला। सुबह ड्यूटी पर आए कर्मचारी ने एक ही ऑनलाइन नंबर को दो पर्चियों पर लगा देखा तो चौंक गया।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती 20 वर्षीय रहमदुल्लाह को पर्ची में आठ तरह की जांचें लिखी। ब्लड भी इमरजेंसी में ही ले लिया। रात को परिजन ब्लड सेंपल देने गए तो उनके पर्ची पर ए-901 नंबर लगा दिए। इसके थोड़ी देर बाद इमरजेंसी वार्ड में ही भर्ती 42 वर्षीय लीला के सीबीसी के सेंपल लेकर परिजन जांच के लिए कलेक्शन सेंटर पहुंचे। उनकी पर्ची पर भी मौजूद कर्मचारी ने ए-901 लिख दिया। सुबह परिजन जांच रिपोर्ट लेने गए तो उन्हें इसका पता चला।
घूमते रहे परिजन
सेंट्रल लैब में जांच रिपोर्ट लेने गए परिजनों को मौजूद कर्मचारियों ने वापस 24 नंबर कमरे में यह कहकर भेज दिया कि वहां से पता करके आओ कि मरीज का सही नाम क्या है। क्योंकि दोनों के नंबर ए-901 ही थे। कंप्यूटर पर नाम देखकर ही जांच रिपोर्ट का पता लगा। इसके बाद सही रिपोर्ट परिजनों को दी।
ठेकाकर्मियों के भरोसे बड़ी जिम्मेदारी
ब्लड कलेक्शन की इतनी बड़ी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन ने ठेके के कर्मचारियों के भरोसे छोड़ रखी है। यानी थोड़ी सी लापरवाही मरीज को परेशानी में डाल सकती है। उनकी ही लापरवाही से जांच रिपोर्ट लेने में परिजनों को परेशानी आई। परिजन सुबह जब रिपोर्ट लेने पहुंचे और इसमें गड़बड़ी मिली तो दोनों कर्मचारी फोन पर काफी देर तक एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे।
ऐसा हुआ है तो गलत है
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। ऐसा हुआ है तो गलत है। जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी।
डॉ. महेंद्रकुमार आसेरी, अधीक्षक, एमडीएमएच
Published on:
08 Jun 2018 05:52 pm
