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राष्ट्र संत ललितप्रभ सागर ने बतायाकि टेंशन से एेसे छुटकारा पाएं
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राष्ट्र संत ललितप्रभ सागर ने बतायाकि टेंशन से एेसे छुटकारा पाएं

जोधपुर.राष्ट्रसंत महोपाध्याय ललितप्रभ सागर ( Rashtrasant Mahopadhyay Lalitprabh Sagar ) ने कहा कि जीवन में जो चाहा वह मिला यह हमारी किस्मत है, जो चाहा वह न मिला यह हमारी बदकिस्मत है ( what we did not find it was unfortunate ) , पर जो मिला उसे ही हमने चाहना शुरू कर दिया तो यही हमारी खुशकिस्मत ( what we have got in our life is our destiny ) है। वे सोमवार को गांधी मैदान ( Gandhi Maidan ) में आयोजित सत्संगमाला ( Satsangmala ) में स्वास्थ्य सप्ताह ( health week ) के पहले दिन प्रवचन ( pravachan ) दे रहे थे। उन्होंने समझाया कि इस सूत्र से आप टेंशन ( Tension ) से छुटकारा पा सकते हैं।  
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जोधपुर

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MI Zahir

Jul 29, 2019

जोधपुर. राष्ट्रसंत महोपाध्याय ललितप्रभ सागर ( Rashtrasant Mahopadhyay Lalitprabh Sagar ) ने कहा कि जीवन में जो चाहा वह मिला, यह हमारी किस्मत है, जो चाहा वह न मिला, यह हमारी बदकिस्मती है( what we did not find it was unfortunate ) , पर जो मिला, उसे ही हमने चाहना शुरू कर दिया तो यही हमारी खुशकिस्मती है ( what we have got in our life is our destiny )। वे सोमवार को गांधी मैदान ( Gandhi Maidan ) में सुखराज नीलम मेहता परिवार द्वारा आयोजित सत्संगमाला ( Satsangmala ) में स्वास्थ्य सप्ताह ( health week ) के पहले दिन टेंशन मिटाने के आसान तरीके विषय पर भाई बहनों को संबोधित कर ( pravachan )रहे थे।

भाग्य से ज्यादा मिला है

उन्होंने कहा कि हो सकता है आपके पड़ोसी को भगवान ने आपसे ज्यादा दिया होगा, पर विश्वास रखिए आपको जो मिला है वह आपके भाग्य से ज्यादा मिला है। अगर आप केवल कोठी को देखेंगे तो मन भी दुखेगा और गर्दन भी दुखेगी, पर आप झोपड़ी वाले को देखोगे तो दिल भी खुश होगा और अपने भाग्य पर गौरव भी होगा इसलिए हमारे पास जो नहीं है उसका गिला करने के बजाय जो है, उसका आनंद लीजिए।

टेंशन मिटाने का पहला नुस्खा

उन्होंने टेंशन मिटाने का पहला नुस्खा देते हुए कहा कि जो है प्राप्त उसे पर्याप्त मानें। याद रखें, जीवन की खुशियां धन, दौलत, जमीन, जायदाद या सुविधाओं में नहीं,बल्कि हमारे भीतर हुआ करती है। आत्म संतुष्टि सबसे बड़ा सुख है।

जी भर के एन्जॉय करें

संत ने कहा कि दुनिया में रोज एक लाख से ऊपर लोग मरते हैं, फिर भी उसमें हमारा नंबर नहीं आता है इसलिए जैसे ही सुबह उठें तो भगवान का शुक्राना अदा करें कि आज मैं फिर बच गया और जी भर के एन्जॉय करें।

होनी को टाला नहीं जा सकता

उन्होंने टेंशन मिटाने का दूसरा मंत्र देते कहा कि होनी को टाला नहीं जा सकता और अनहोनी को किया नहीं जा सकता। इसलिए भूत और भविष्य में उलझे रहने के बजाय वर्तमान का आनंद लें। जीवन की हर व्यवस्था को प्रभु का प्रसाद मानकर स्वीकार करें। मन के अनुकूल हो तब भी और मन के प्रतिकूल हो तब भी। हार और जीत तो जीवन के हिस्से हैं।

सबका वक्त बदलता है

संत ने कहा कि दुनिया में सबका वक्त बदलता है इसलिए हर उतार-चढ़ाव का आनंद लें। कभी भारत में जो ड्रेस वायसराय पहना करते थे आज वही ड्रेस बैंड बजाने वाले पहना करते हैं।

भगवान जो करता है अच्छा करता है

संतप्रवर ने टेंशन मिटाने का अंतिम मंत्र देते हुए कहा कि भगवान जो करता है अच्छा करता है, इस बात को सदा याद रखें, इसलिए जीवन में कुछ गलत हो जाए तो टेंशन न लें, क्योंकि टेंशन गेहूं में लगे घुन की तरह होता है, जो हमें खा कर अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। सदा परमात्मा की व्यवस्था में विश्वास रखें, क्यों कि जो चङ्क्षच देता है वह चुग्गा भी देता है, बच्चे का जन्म बाद में होता है उसके लिए दूध की व्यवस्था मां के आंचल में पहले हो जाती है।

श्रद्धालु झूम उठे
प्रवचन के दौरान जब संतप्रवर ने जीवन है उपहार प्रभु का इसको रोशन कीजिए, पहले अपने अंतर्मन को शांति से भर लीजिए…भजन गुनगुनाया तो श्रद्धालु झूम उठे। जब संतप्रवर ने जीवन में कभी टेंशन न लेने की प्रेरणा दी तो सभी श्रद्धालुओं ने हाथ खड़े कर हर हाल में मस्त रहने का संकल्प लिया।

जिंदगी खराब हो जाती है

इससे पूर्व मुनि शांतिप्रिय सागर ( Muni Shantipriyasagar ) ने कहा कि जीवन में तैश और तकरार को हटाएं, प्यार और क्षमा को बढ़ाएं। जब प्यार करने के लिए भी जिंदगी छोटी पड़ रही है तो तकरार करके जिंदगी को क्यों भार भूत बनाया जाए। जैसे दवाई का रिएक्शन हो तो शरीर खराब हो जाता है वैसे ही छोटी-छोटी बातों पर रिएक्शन करने से जिंदगी खराब हो जाती है।

एनर्जी को कैसे करें इम्प्रूव

प्रवचन में विमला लोढ़ा, सूरज मेहता, शांतिदेवी पारख,कीर्ति खजांची, शिल्पा खजांची, श्रवण सोमानी, ओमप्रकाश गुप्ता, शांतादेवी गुप्ता ने दीप प्रज्वलन किया और अशोक पारख ने आभार व्यक्त किया। चातुर्मास समिति के राजेंद्र प्रजापत ने बताया कि मंगलवार को संत चंद्रप्रभ अपनी एनर्जी को कैसे करें इम्प्रूव विषय पर संबोधित करेंगे।