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अब मेडिकल कॉलेजों की कक्षाओं तक एमसीआइ की सीधी नजर

-एमसीआइ की पकड़ में रहेगी मेडिकल कॉलेजों की ' नब्ज '
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Now the MCI's direct eye to medical colleges

अब मेडिकल कॉलेजों की कक्षाओं तक एमसीआइ की सीधी नजर

-सभी कॉलेजों में लगाए जाएंगे अत्याधुनिक कैमरे, एमसीआइ से ही होगी कैमरों की मॉनिटरिंग

-कक्षाओं, प्रयोगशालाओं व ओपीडी टीचिंग कक्षों तक लगेंगे कैमरे

जोधपुर.
देश भर के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में पढऩे व पढ़ाने वाले डॉक्टरों पर अब सीधे मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया (एमसीआइ) की 'तीसरी नजरÓ रहेगी। एमसीआइ से मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों की कक्षाओं आदि जगहों पर अत्याधुनिक तकनीक के कैमरे लगाए जाएंगे। मॉनिरिटिंग एमसीआइ के दिल्ली मुख्यालय से ही होगी। कैमरों के जरिए कॉलेजों के वीडियो व ऑडियो विजुअल एमसीआइ लाइव देख सकेगा।

एमसीआइ ने देश के सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक कैमरे इंस्टालेशन के लिए एक फर्म से करार किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों को इस फर्म के बारे में सूचना दी गई है और कॉलेजों को कैमरे से संबंधित उपकरण भेजने शुरू कर दिए गए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर को भी अत्याधुनिक कैमरों के उपकरण प्राप्त हो चुके हैं। जल्द ही कैमरे इन्स्टॉलेशन का काम शुरू होगा। एसएन मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थियेटर, प्रायोगिक प्रयोगशाला, ओपीडी टीचिंग कक्ष में कैमरे लगाए जाएंगे। जिसका नियंत्रण एमसीआइ के पास ही रहेगा। यानि एमसीआइ दिल्ली से कॉलेजों की कक्षाओं, कक्षा में मौजूद विद्यार्थी, प्रयोगशाला में चल रहे प्रयोग, ओपीडी की टीचिंग में क्या पढ़ाया जा रहा है, कितने विद्यार्थी उपस्थित हैं, कितने विद्यार्थी बंक कर चुके हैं, फैकल्टी क्या पढ़ा रहे हैं, ओपीडी में मरीजों की स्थिति क्या है, किस बीमारी पर क्या डिस्कशन हो रहा है, तमाम तरह के ऑडियो व वीडियो विजुअल एमसीआइ लाइव देख-सुन सकेगा। उसकी पूरी रिकॉर्डिंग भी एमसीआइ दिल्ली में ही होगी।


कुछ समय पहले लगाई थी बायोमेट्रिक

एमसीआइ ने कुछ समय पहले सभी मेडिकल कॉलेजों के हर विभाग में जगह-जगह बायोमेट्रिक सिस्टम लगाए थे। उनकी मॉनिटरिंग भी एमसीआइ के पास है। इन मशीनों के जरिए चिकित्सक व अन्य नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी की गणना हो रही है।
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इसलिए जरूरत पड़ी
-कॉलेजों में विद्यार्थी या फैकल्टी नियमित क्लास से बंक नहीं मार सकेंगे।

-कोई भी मेडिकल कॉलेज गलत जानकारी देंगे या कोई फर्जीवाड़ा करने की कोशिश करेंगे तो पकड़े जाएंगे।
-एमसीआइ को समय-समय पर निरीक्षण के लिए अपनी टीम नहीं भेजनी पड़ेगी।

-यदि किसी क्लास या पढ़ाई में कुछ नॉम्र्स या मापदण्ड फॉलो नहीं हो रहे हैं तो एमसीआई संबंधित को तुरंत निर्देश दे देगा।