
jodhpur nagar nigam, nagar nigam news, sewrage plan, sewer jet machines, jodhpur news, jodhpur news in hindi
जोधपुर. शहर में बारिश की सीजन चल रही है, जगह-जगह सीवरेज चॉक होने की समस्या है। लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि निगम के पास सीवरेज चॉक व्यवस्था दुरुस्त करने वाले सीवरेज जेट वाहन 20-22 साल पुराने हंैं। इन बूढ़े वाहनों से सीवरेज समस्या का निस्तारण करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सालों पुराने वाहनों की क्षमता भी दिनोंदिन कम होती जा रही है। नगर निगम ने लंबे समय से सीवरेज जेट मशीनरी वाहन नहीं खरीदे हैं। इन मशीनों के भरोसे कई क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने का कार्य भी ढंग से नहीं हो रहा है। यह वाहन एक क्षेत्र में कई दिनों तक पहुंचने के बाद सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त कर पा रहे हैं।
1994 से 1996 में खरीदे 9 वाहन
हर वाहन की कम से कम आयु 15 साल होती है, लेकिन मजे की बात देखिए नगर निगम इन वाहनों को दो दशकों से चला रहा है। जबकि दूसरी ओर शहर में सीवरेज व बरसाती नालों की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। जरा सी बारिश आते ही शहर में नदियां बहने लगती है। इस माहौल में आए दिन बरसात के बाद सीवरेज लाइन चॉक हो जाती है। इन समस्याओं के बावजूद निगम नए वाहन नहीं खरीद रहा है। जोधपुर शहर के बढ़ते दायरे के चलते यह वाहन भी नाकाफी है।
ये हैं व्यवस्था
नगर निगम में कुल सीवरेज जेट मशीन 9 हैं। जिन्हें निगम ने एक ठेका फर्म को चलाने के लिए दे रखा है। इस फर्म को प्रतिदिन 8 घंटे वाहन चलाना जरूरी होता है। जिनमें 7 वाहनों का मासिक किराया 1 लाख 11 हजार रुपया है। जिनमें प्रेशर करने व पानी खिंचने की सुविधा हैं। इसके अलावा दो मशीनों का किराया 1 लाख 6 हजार रुपया मासिक है। जिसकी क्षमता केवल जेटिंग की है। इसके लिए ठेका फर्म को ड्राइवर, मेंटेनेंस व डीजल की व्यवस्था खुद करनी है।
सुपर सकर मशीन ज्यादा उपयोगी
नगर निगम के पास सुपर सक्शन मशीन है। जो बड़े से बड़े सीवरेज चॉक सिस्टम को दुरुस्त कर देती है। सुपर जेट सकर मशीन भी किराए पर है। जिसका उपयोग होने पर प्रतिदिन के हिसाब से किराया लगता है। यह मशीन नगर निगम के लिए महंगी है, परंतु बहुत उपयोगी है।
Published on:
04 Jul 2018 04:56 pm
