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Rajasthan : मृत शरीर का सम्मान एक्ट के तहत राजस्थान में FIR, भाजपा के दिग्गज नेताओं पर भी हुई कार्रवाई

Rajasthan : मृत शरीर का सम्मान एक्ट के तहत राजस्थान में FIR दर्ज की गई है। संभवत: इस एक्ट के तहत यह प्रदेश की पहली FIR है।

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Dead Body Respect law Jodhpur

मृतक शरीर की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में ढाई महीने पहले लागू हुए राजस्थान मृत शरीर का सम्मान विधेयक-2023 पर सोमवार को जोधपुर के सरदारपुरा पुलिस थाने ने FIR दर्ज की है यह संभवत: प्रदेश में पहली एफआईआर है। शहर में जूनी मंडी स्थित गंगश्यामजी मंदिर में जन्माष्टमी पर्व पर हादसे में घायल युवक की अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। रविवार को परिजनों ने मुआवजा राशि की मांग को लेकर एमजीएच मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन किया और दोपहर से रात तक रास्ता रोके रखा। जिससे जनता काफी परेशानी हुई। सरदारपुरा थाना पुलिस ने भाजपा नेताओं, परिजनों और स्वर्णकार समाज के लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने और मृत शरीर के सम्मान अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है। यह मृत शरीर की गरिमा को सुनिश्चित करते हुए इनके धरना-प्रदर्शन में किए जाने वाले दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाता है।



इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज

सरदारपुरा थाने के एसआई दीपलाल ने थाने में दर्ज करवाए मुकदमे में तीस सितंबर की शाम से देर रात्रि तक रास्ता रोकने पर भाजपा नेता अतुल भंसाली, राजेन्द्र सोनी, जनक सोनी, शिव कुमार सोनी, दिलीप सोनी, नरेन्द्र सोनी, प्रेम नागौरी, दत्तु सोनी, शिवप्रकाश सोनी, निर्मल सोनी, किरपाराम सोनी, मोहन महामंत्री सोनी समाज, भोजराज सोनी अध्यक्ष समाज संगठन, जितेन्द्र उर्फ जितू सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

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जानें मामला क्या है?

गौरतलब है कि जन्माष्टमी के दिन गंगश्यामजी मंदिर पर मटकी फोड़ने के कार्यक्रम के दौरान लोहे का ट्रस गिरने से कैलाश सोनी घायल हो गए थे। जिनको इलाज के लिए महात्मा गांधी अस्पताल भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। आरोपियों ने गांधी अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर रास्ता रोका।

प्रदेश में इतनी हुई घटनाएं

राजस्थान प्रदेश में वर्ष 2014 से 2018 तक शवों को लेकर 82 बार धरना-प्रदर्शन हुआ। वर्ष 2019 से लेकर 2023 तक इस तरह की 306 घटनाएं हुई। शवों को लगातार ढाल बना रहे समाज और लाेगों को लेकर ही सरकार ने 20 जुलाई को यह एक्ट पारित किया था।

एक्ट में यह है प्रावधान

- परिजन द्वारा मृत व्यक्ति का शव नहीं लेने पर 1 साल की सजा व जुर्माना।
- परिजन द्वारा धरना-प्रदर्शन में शव का उपयोग करने पर 2 वर्ष तक की सजा व जुर्माना।
- परिजन के अलावा अन्य व्यक्ति पर 6 महीने से 5 साल तक की सजा व जुर्माना।
- कार्यपालक मजिस्ट्रेट को मृतक का अंतिम संस्कार 24 घंटे में कराने की शक्ति।

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