जोधपुर।
जिले के हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर कैलाश मांजू को राजपासा में एक साल के लिए निरूद्ध करने संबंधी आदेश खारिज कर दिया गया है। हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय एडवाजरी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य के गृह विभाग ने यह आदेश खारिज कर दिया। इससे एक साल तक मांजू को जेल में बंद रखने की पुलिस की उम्मीद काे झटका लगा है। हालांकि कुछ अन्य मामलों में जमानत न मिलने की वजह से कैलाश मांजू को अभी तक जेल से छोड़ा नहीं गया है। अभी उसे अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में ही रखा गया है।
एक साल पहले जारी किया था राजपासा का आदेश
मूलत:भाटेलाई पुरोहितान हाल चौपासनी बाइपास निवासी हार्डकोर व हिस्ट्रीशीट कैलाश पुत्र रामचन्द्र मांजू को राजपासा में निरूद्ध करवाने के लिए पुलिस उपायुक्त पश्चिम ने अनुशंषा की थी। इस पर जिला कलक्टर ने कैलाश को एक साल के लिए जेल में निरूद्ध करने के लिए गत वर्ष 30 नवम्बर को आदेश जारी किया था। इसका पता लगते ही हार्डकोर फरार हो गया था। दो-ढाई माह पहले उसे राजपासा में निरूद्ध कर अजमेर की घूघरा घाटी स्थित हाई सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया था। तब से वो हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है।
कैलाश मांजू को कड़ी पुलिस सुरक्षा में अजमेर जेल से लाकर जोधपुर कोर्ट में पेश किया गया। उस पर 42 मामले दर्ज हैं। इनमें से 21 मामलों में वह बरी और 20 में जमानत मिल चुकी है। एक मामले में जमानत जब्त है। जिसकी सुनवाई शनिवार को होगी।
आठ माह तक फरार, दिल्ली में पकड़ा, ढाई माह में निरस्त
राजपासा में निरूद्ध करने संबंधी आदेश का पता लगते ही हार्डकोर कैलाश भूमिगत व फरार हो गया था। उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। गत 8 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार व कारतूस जब्त कर कैलाश मांजू को गिरफ्तार किया था। रिमाण्ड के बाद उसे जेल भिजवा दिया गया था, जहां से उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। मांजू के खिलाफ करीब 43 एफआइआर दर्ज है।
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आदेश निरस्त किया है…
‘हाईकोर्ट की एडवाजरी कमेटी के समक्ष सुनवाई के बाद राज्य के गृह विभाग ने कैलाश मांजू को राजपासा में निरूद्ध करने संबंधी आदेश निरस्त किया है।’
पारस जांगिड, अधीक्षक, हाई सिक्योरिटी जेल, अजमेर।