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आखिर खत्म हुई रोडवेज की हड़ताल, 3 दिन में रोडवेज को लगी 60 लाख की चपत

रोडवेज हड़ताल समाप्ति से पहले तक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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जोधपुर

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Harshwardhan Singh Bhati

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Updated: 28 Jul 2018, 9:52 AM IST

roadways employees strike is over

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जोधपुर. रोडवेज कर्मचारियों की चक्काजाम हड़ताल तीसरे दिन शुक्रवार को देर रात समाप्त हो गई। इससे पूर्व तक जोधपुर में रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे व प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित दो दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन अवधि तक बढ़ाए जाने से कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया और रोडवेज की बस नहीं चलने दी। हड़ताल की वजह से तीसरे दिन भी हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिनभर राईकाबाग स्थित रोडवेज के केंद्रीय बस स्टैंड पर रोडवेज के कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ वादा खिलाफ ी के नारे लगाए।

हड़ताल रहने के कारण दूर-दराज से आए हुए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। तीन दिन की हड़ताल में जोधपुर डिपो में तकरीबन करीब 60 लाख रुपए का घाटा हुआ और 60 हजार यात्री रोडवेज का इंतजार करते रहे।रोडवेज कर्मचारी संगठन के लक्ष्मणसिंह राजपुरोहित ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से राज्य सरकार से सातवां वेतन आयोग लागू करने, एरियर, बोनस, इंक्रीमेंट देने, पदोन्नति करने, रोडवेज की नई बसों की खरीद करने, रोडवेज में विभिन्न पदों पर नई भर्ती करने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देने के कारण हड़ताल करनी पड़ी।

नहीं चली एक भी बस


हड़ताल को लेकर रोडवेज के अधिकतर कर्मचारी संगठन एकमत है, इसलिए एक भी बस का संचालन नहीं हुआ। जोधपुर डिपो में तकरीबन सवा सौ बसें और जोधपुर संभाग में 700 से ज्यादा रोडवेज बसों के पहिए थमे रहे।

आखिर ट्रांसपोट्र्र्स की हड़ताल भी हुई समाप्त


इधर, ट्रांसपोर्टरों ने किया प्रदर्शनऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की ओर से ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन चक्काजाम हड़ताल आठ दिन के बाद समाप्त हो गई। हड़ताल समाप्ति की घोषणा से पूर्व तक ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल व धरना प्रदर्शन जारी था। जोधपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्माराम चौधरी व सचिव प्रवीण कुम्भट ने बताया कि ट्रांसपोर्ट भवन के बाहर चल रही हड़ताल में एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व कर्मचारी पांचवे दिन भी क्रमिक अनशन पर बैठे । उन्होंने बताया कि जोधपुर की सभी ट्रांसपोर्ट कम्पनियों ने अपने कारोबार बंद रखे। हड़ताल के कारण करीब 400 करोड़ रुपयों से ज्यादा का नुकसान हुआ। सूर्यनगरी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑनर वेलफेयर सोसायटी से जुड़ी ट्रांसपोर्ट कम्पनियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे व हड़ताल को समर्थन दिया।