5 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

catch_icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकार और चिकित्सकों के बीच घुट रही जनता, स्ट्रेचर व व्हील चेयर तक तालों में कर दिए बंद!

कई स्ट्रेचर व व्हील चेयर न्यू ओपीडी वार्ड में ताला में रखे हुए नजर आए।

2 min read
Google source verification
poor condition of patients due to doctors strike

Doctors strike, Doctors strike latest news, hospitals in jodhpur, jodhpur news, resident doctors on strike, doctors strike in jodhpur

बासनी/जोधपुर. मथुरादास माथुर अस्पताल में एक तरफ रेजीडेंट की हड़ताल के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं अस्पताल में मरीजों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अस्पताल में गुरुवार को इलाज करवाने आए कई मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर के अभाव में तड़पना पड़ा। कई स्ट्रेचर व व्हील चेयर न्यू ओपीडी वार्ड में ताला में रखे हुए नजर आए। आए दिन मरीजों को स्ट्रेचर व व्हील चेयर के अभाव में परेशान होना पड़ रहा है, लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों का दर्द नहीं समझ पा रहा है।

अस्पताल की लापरवाही


न्यू ओपीडी परिसर में सुबह इलाज करवाने आए कई मरीजों को व्हील चेयर के अभाव में चिकित्सकों तक ले जाने में मशक्कत करनी पड़ी। कई मरीज तो स्ट्रेचर व व्हील चेयर के अभाव में दर्द से कराहते नजर आए।

आए दिन परेशान हो रहे मरीज

अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हील चेयर नहीं होने से परेशान हो रहे मरीजों की पीड़ा नई बात नहीं है। अस्पताल में आए दिन मरीजों को इसी तरह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भले ही कितनी भी गंभीर हालत हो, लेकिन अस्पताल में व्यवस्थाएं हमेशा अधूरी ही मिली, जबकि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी स्ट्रेचर व व्हील चेयर मरीजों को मुहैया करवाने के बजाय अस्पताल का सामान लाने ले जाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं।

ईसीजी मशीन भी खराब


बिगड़ी व्यवस्थाओं के बीच अस्पताल के न्यू ओपीडी परिसर में लगी ईसीजी मशीन भी खराब होने से कई मरीजों को परेशान होना पड़ा। अस्पताल में ईसीजी मशीन में प्रिंट सही नहीं आने की दिक्कत के चलते मरीजों को जांच के लिए कार्डियोलॉजी वार्ड में लगी अन्य मशीन से जांच करवाने के लिए भेजा गया।

पर्याप्त संख्या में हैं स्ट्रेचर

अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर व व्हील चेयर है। हाल में ही दस-दस स्ट्रेचर न्यू ओपीडी व ट्रोमा में दिए हुए हैं। मैं इस मामले में पता करवाता हूं।


डॉ. शैतानसिंह राठौड़, अधीक्षक, एमडीएमएच

एमडीएमएच शिशु वार्ड में गिरी टाइल्स

मथुरादास माथुर अस्पताल में गुरुवार दोपहर को जनाना विंग परिसर के शिशु रोग वार्ड में दीवार सहारे लगी टाइल्स गिर गर्इं। टाइल्स वार्ड में लगे बेड पर आकर गिरी। गनीमत रही कि घटना के वक्त बेड पर सो रहे किसी भी मरीज को चोट नहीं आई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अस्पताल में अचानक हुई इस घटना से वार्ड में भर्ती मरीज व परिजन घबरा गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर कई सुरक्षाकर्मी व अस्पताल प्रशासन के कर्मचारी एकत्र हो गए। बाद में कर्मचारियों ने मौके पर बिखरे मलबे को हटाया। वहीं इस घटना के बाद मरीजों की सुरक्षा पर अस्पताल प्रबंधन के दावों की पोल खुल गई।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल

घटना के बाद अस्पताल के निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए। घटना के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने सबक लेने के बजाय मरीजों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। इसके बजाय दीवार सहारे लगी जजर्र टाइलों के सहारे ही बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जबकि अस्पताल में कई जगहों पर टाइलों व वार्ड में बनी दीवारों में दरारें नजर आई। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते कभी भी हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।