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पोकरण में पिनाक रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण

- डीआरडीओ ने नेविगेशन युक्त एडवांस लॉन्चर का किया परीक्षण- 120 किमी तक 4.7 मैक की स्पीड से भेदा लक्ष्य
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Successful test of Pinaka Rocket Launcher in Pokaran

पोकरण में पिनाक रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण

जोधपुर.

भारतीय सेना दुश्मन देश के किसी भी तरह के हमले का जवाब देने के लिए हर मोर्चे पर सक्षम है। सोमवार को भारत ने अब एक और ताकत का सफल परीक्षण कर इतिहास बना दिया है। रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने जैसलमेर स्थित पोकरण फायरिंग रेंज में सोमवार को पिनाक गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया । यह एडवांस रॉकेट था जो जीपीएस जैसे नेविगेशन सहित अत्याधुनिक नियंत्रित प्रणाली से युक्त था। पिनाक के पूरे मार्ग को ट्रेक किया गया। इसने 4.7 मैक की स्पीड से 120 किलोमीटर तक टारगेट का सफलतापूर्वक भेदा। भारतीय थल सेना ने 1999 में कारगिल युद्ध के समय पिनाक-प्रथम रॉकेट लॉन्चर का सफलतापूर्वक उपयोग किया था।

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पड़ौसी देश के साथ तनाव के बीच यह परीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीआरडीओ ने पिनाक रॉकेट लॉन्चर विकसित किया है। पिनाक-प्रथम रॉकेट 40 किलोमीटर तक लक्ष्य भेद सकता है। पिनाक-द्वितीय की सीमा 70 से 80 किलोमीटर है। इसके बाद डीआरडीओ ने इजराइल के साथ मिलकर पिनाक पर ट्रेजेटरी करेक्शन सिस्टम (टीसीएस) विकसित किया है, जिसका सफलतापूर्वक पोकरण में परीक्षण किया गया। पिनाक रॉकेट लॉन्चर टेट्रा ट्रक से फायर किया जाता है, जो 44 सैकेण्ड में 12 एचई रॉकेट छोड़ता है। भारतीय थलसेना में इसे शामिल किया जा चुका है।

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