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सूरज ने पार की भूमध्य रेखा, राजस्थान की तरफ दिनोंदिन बढऩे लगा है गर्मी का असर

आज 40 डिग्री तक जा सकता है तापमान, बास्योड़ा खाने का सही समय आया  
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सूरज ने पार की भूमध्य रेखा, राजस्थान की तरफ दिनोंदिन बढऩे लगा है गर्मी का असर

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जलवायु में एक बार फिर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सूरज ने पिछले सप्ताह 21 मार्च को भूमध्य रेखा पार कर ली है और अब वह राजस्थान सहित मध्य भारत यानी कर्क रेखा की तरफ बढ़ रहा है। सूरज के आगे बढऩे के साथ ही गर्मी शुरू हो गई है। बुधवार को जोधपुर में करीब छह महीने बाद सर्वाधिक गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया है। जोधपुर में दोपहर में तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया जो अक्टूबर के प्रथम सप्ताह के बाद सर्वाधिक है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को बादलों की हल्की आवाजाही के साथ पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। गुरुवार को ही शीतलाष्टमी है और जोधपुर के लोग इस दिन बास्योड़ा खाएंगे जो बिल्कुल उचित समय है।

171 दिन बाद गर्म दिन
सूर्यनगरी में बुधवार को न्यूनतम तापमान 18.1 डिग्री रहा। सुबह सुहाना मौसम था। दिन चढऩे के साथ सूरज ने आंखें तरेरने शुरू की। ज्यो-ज्यो सूरज क्षितिज पर चढ़ता जा रहा था त्यो-त्यो थर्मामीटर में पारा ऊपर जा रहा था। दोपहर में तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया। इस सीजन में इससे पहले सर्वाधिक तापमान 171 दिन पहले सात अक्टूबर को 38.8 डिग्री रहा था। मनुष्य के शरीर का तापमान 37 डिग्री होता है। ऐसे में शरीर के तापमान से अधिक पारा होने पर शहरवासियों को एक अरसे बार गर्मी का अहसास हुआ। दोपहर में कई लोगों को पसीना आने लग गया। कई दिनों बाद लोगों को गर्मी ने परेशान किया। यहां तक की रात को भी मौसम में ठण्डक गायब थी। संभाग के बाड़मेर में पारा चालीस डिग्री के करीब 39.7 डिग्री पर पहुंच गया। जैसलमेर में रात का तापमान 38.2 डिग्री रहा।

उत्तरी गोलाद्र्ध में बसंत ऋतु का आगमन

सूरज छह महीने उत्तरी गोलाद्र्ध में रहता है और छह महीने दक्षिणी गोलाद्र्ध में। मार्च और सितम्बर में वह पृथ्वी के मध्य यानी भूमध्यरेखा पर रहता है तब दिन व रात बराबर होते हैं। भारतीय समयानुसार इस बार 21 मार्च अलसुबह 3.28 मिनट पर सूरज भूमध्यरेखा पर पहुंचा जिसे मार्च इक्विनोक्स कहते हैं। इसी के साथ उत्तरी गोलाद्र्ध यानी भारत में बसंत ऋतु शुरू हो गई है और ऑस्ट्रेलिया सहित दक्षिणी गोलाद्र्ध के अन्य हिस्सों में पतझड़ आ गया है। अब यहां से सूरज कर्क रेखा यानी उत्तरी गोलाद्र्ध की तरफ बढऩा शुरू हो गया है। कर्क रेखा राजस्थान के दक्षिण में बांसवाड़ा से गुजरती है। 22 जून को सूरज यहां पहुंच जाएगा तब सर्वाधिक गर्मी होगी।

दिन-रात बराबर
जब सूरज भूमध्य रेखा पर होता है तो तब दिन व रात लगभग बराबर होते हैं। जोधपुर में भी इस समय लगभग 12 घण्टे से कुछ अधिक देर तक सूरज की रोशनी आ रही है। सूर्योदय का समय लगातार घट रहा है और सूर्यास्त का समय बढ़ रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर कम

इस बार फरवरी-मार्च में भूमध्यसागर सागर से आने वाले विक्षोभों की संख्या अधिक होने की वजह से तापमान नीचे बना रहा। फरवरी में तो एक दिन को छोडकऱ पूरे महीने तापमान 30 डिग्री के भीतर बना रहा। मार्च में भी होली तक तापमान कम रहा लेकिन होली के बार पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के साथ ही अब सूरज के तेवर देखने को मिल रहे हैं।